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जिंदगी की नींव अंतरिक्ष से? पहली बार उल्कापिंडों में मिले सभी DNA-RNA बेस

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prativad
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📍 नई दिल्ली
जिंदगी की नींव अंतरिक्ष से? पहली बार उल्कापिंडों में मिले सभी DNA-RNA बेस
20 जुलाई 2025। विज्ञान की दुनिया में एक ऐतिहासिक खोज सामने आई है। वैज्ञानिकों ने पहली बार उन सभी पाँच न्यूक्लियोटाइड बेसों—एडेनिन (A), ग्वानिन (G), साइटोसिन (C), थायमिन (T), और यूरासिल (U)—को उल्कापिंडों में खोज निकाला है, जो पृथ्वी पर जीवन के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। यह खोज Nature Communications पत्रिका में प्रकाशित हुई है और यह संकेत देती है कि जीवन के कुछ सबसे मूलभूत अवयव वास्तव में अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आए हो सकते हैं।

यह सफलता जापान और अमेरिका के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम द्वारा विकसित एक नई "अल्ट्रा-सेंसिटिव कोल्ड-वाटर एक्सट्रैक्शन" तकनीक के जरिये संभव हुई। इस तकनीक ने साइटोसिन और थायमिन जैसे नाजुक अणुओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हुए उन्हें सफलतापूर्वक विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराया।

टीम ने जिन चार उल्कापिंडों के टुकड़ों का विश्लेषण किया, वे ऑस्ट्रेलिया, केंटकी (अमेरिका) और ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) में गिरे थे। इन नमूनों में न केवल सभी पाँच जीवन-आधारित न्यूक्लियोटाइड पाए गए, बल्कि एमिनो एसिड और अन्य जैविक अणु भी मिले जो आसपास की मिट्टी में मौजूद नहीं थे—इससे उनके अंतरिक्षीय मूल की पुष्टि होती है।

अब तक के अध्ययन केवल एडेनिन, ग्वानिन और कभी-कभी यूरासिल की उपस्थिति को ही दिखा पाए थे। साइटोसिन और थायमिन की अनुपस्थिति वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बनी हुई थी, लेकिन यह खोज उस रहस्य को भी हल कर रही है।

हालांकि कुछ वैज्ञानिक इस संभावना को नकारते नहीं हैं कि ये अणु पृथ्वी पर गिरने के बाद प्रदूषण का नतीजा भी हो सकते हैं, लेकिन जिन तत्वों की पहचान हुई है, वे स्थानीय मिट्टी में नहीं पाए गए, जो इस बात को और मजबूत करता है कि वे वास्तव में उल्कापिंडों से ही आए हैं।

इस खोज को और भी व्यापक संदर्भ तब मिलेगा जब जापान के हायाबुसा2 और नासा के OSIRIS-REx मिशन द्वारा लाए गए क्षुद्रग्रहों के नमूनों का विश्लेषण पूरा होगा। अगर इन नमूनों में भी ऐसे ही न्यूक्लियोटाइड पाए गए, तो यह लगभग तय हो जाएगा कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत वास्तव में ब्रह्मांडीय उपहार हो सकती है।

विज्ञान की यह खोज न केवल जीवन की उत्पत्ति की कहानी को नया मोड़ देती है, बल्कि यह भी बताती है कि हम वास्तव में "कॉस्मिक सिटीजन" हैं—हमारी उत्पत्ति कहीं गहरी और दूर की रहस्यमयी यात्रा से जुड़ी हो सकती है।
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