🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

"बस्तर में ढल रही नक्सलवाद की रात": 66 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, CM साय का बड़ा बयान

👤
prativad
👁 2110 व्यूज
📍 रायपुर
"बस्तर में ढल रही नक्सलवाद की रात": 66 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, CM साय का बड़ा बयान
25 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज में गुरुवार को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। एक साथ 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। इनमें से कई शीर्षस्थ नक्सली हैं, जिन पर कुल ₹2.54 करोड़ का इनाम घोषित था। सबसे बड़ा नाम है एसजेडसीएम (SZCM) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश, जिस पर अकेले ₹25 लाख का इनाम था।

इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "बस्तर में नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है। यह डबल इंजन सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों का परिणाम है।"

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि— बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

CM साय ने आत्मसमर्पण करने वालों के निर्णय को सरकार की पारदर्शी और जनहितैषी नीतियों का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि बीते 18 महीनों में अब तक 1,570 माओवादी कैडर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह बदलाव राज्य सरकार की “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति और बस्तर में सामाजिक-आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए किए जा रहे समर्पित प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य मिलकर बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और विकास दोनों को एक साथ बढ़ा रहे हैं। सड़कों का निर्माण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और परिवहन जैसी सुविधाएं इन क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Tags :