छत्तीसगढ़ बना रहा टेक्नोलॉजी हब: नवा रायपुर में ₹108.43 करोड़ की लागत से बनेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर
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📍 रायपुर
CM विष्णु देव साय के नेतृत्व में तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम, युवाओं को मिलेगा नवाचार और रोजगार का नया मंच
6 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। यह केंद्र राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही स्टार्टअप्स, MSMEs और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर मंजूर इस परियोजना की कुल लागत ₹108.43 करोड़ है, जिसमें से ₹75 करोड़ MeitY द्वारा EMC 2.0 योजना के तहत स्वीकृत किए गए हैं, जबकि शेष ₹33.43 करोड़ राज्य सरकार वहन करेगी। यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर (सेक्टर-22) में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी।
क्या होगा इस सेंटर में?
CFC एक अत्याधुनिक तकनीकी केंद्र होगा, जहां निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी:
PCB प्रोटोटाइपिंग और 3D प्रिंटिंग
EMC (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कम्पैटिबिलिटी) परीक्षण
वुड वर्कशॉप और अन्य परीक्षण लैब्स
LED, EV, सोलर चार्ज कंट्रोलर, ऑटोमेशन, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और SCADA पैनल निर्माण से जुड़ी सुविधाएं
यह सेंटर छोटे और मध्यम स्तर की इकाइयों को तेज उत्पाद विकास, मानक परीक्षण और नवाचार के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगा। उदाहरण के लिए, एक स्टार्टअप अपने सोलर प्रोजेक्ट का प्रोटोटाइप यहां बना सकता है, तो वहीं EV कंपोनेंट निर्माता EMC परीक्षण द्वारा उत्पाद की विश्वसनीयता सुनिश्चित कर सकेगा।
राज्य में निवेश और रोजगार को मिलेगा बल
इस परियोजना से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति को मजबूती मिलेगी और स्थानीय व बाहरी निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों के लिए यह सेंटर एक संसाधन हब की तरह कार्य करेगा।
NRANVP (नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण) द्वारा संचालित यह परियोजना तकनीकी आधारभूत संरचना को सशक्त करेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देगी। इससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को “तकनीकी क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया और कहा कि इससे छत्तीसगढ़ जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का पावरहाउस बनकर उभरेगा।
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह सेंटर राज्य के तकनीकी बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देगा और युवाओं को वे संसाधन उपलब्ध कराएगा, जो पहले सिर्फ बेंगलुरु या पुणे जैसे बड़े शहरों में सुलभ थे।