🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

चीन ने अमेरिकी चिप कंपनियों पर जाँच शुरू की, वार्ता से पहले बढ़ा तनाव

👤
prativad
👁 3722 व्यूज
📍 भोपाल
चीन ने अमेरिकी चिप कंपनियों पर जाँच शुरू की, वार्ता से पहले बढ़ा तनाव
15 सितंबर 2025। अमेरिका के साथ नई व्यापार वार्ता से ठीक पहले चीन ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को निशाने पर लिया है। बीजिंग के वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिकी चिप कंपनियों के खिलाफ दो अलग-अलग जाँचें शुरू की गई हैं। यह कदम स्पेन में होने वाली चार दिवसीय द्विपक्षीय वार्ता से एक दिन पहले आया है।

वॉशिंगटन लंबे समय से चीन पर बौद्धिक संपदा की चोरी और जबरन तकनीक हस्तांतरण का आरोप लगाता रहा है। दूसरी ओर, बीजिंग अमेरिकी निर्यात नियंत्रणों को “राजनीतिक हथकंडा” बताते हुए चेतावनी देता है कि ऐसे उपाय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

नई जाँचों में पहली जांच डंपिंग-रोधी है, जो अमेरिका से आयातित एनालॉग इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्स पर केंद्रित है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें खास तौर पर कमोडिटी इंटरफेस आईसी और गेट ड्राइवर आईसी चिप्स शामिल हैं, जिनका उत्पादन अमेरिकी कंपनियाँ टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और ओएन सेमीकंडक्टर करती हैं।

दूसरी जांच “भेदभाव-विरोधी” है, जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिकी नीतियाँ चीन के चिप उद्योग को अनुचित तरीके से निशाना बनाती हैं। मंत्रालय ने कहा, “एकीकृत सर्किट क्षेत्र में कुछ अमेरिकी उपाय स्पष्ट रूप से चीन के खिलाफ भेदभावपूर्ण प्रतिबंध और पाबंदियाँ हैं।”

यह घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने 32 विदेशी कंपनियों को अपनी व्यापार काली सूची में डाला है, जिनमें 23 चीन में स्थित हैं। इनमें दो कंपनियाँ भी शामिल हैं, जिन पर चीन के प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माता SMIC के लिए चिप्स बनाने हेतु अमेरिकी उपकरण खरीदने का आरोप है।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई में कैलिफोर्निया की कंपनी एनवीडिया को चीन के लिए विशेष एआई चिप्स बेचने की अनुमति दे दी थी। पहले इन चिप्स पर प्रतिबंध था ताकि चीन की उन्नत कंप्यूटिंग तक पहुँच सीमित की जा सके। इस फैसले की अमेरिका के अंदर आलोचना हुई थी, आलोचकों का कहना था कि इससे रणनीतिक तकनीकों में अमेरिकी बढ़त को खतरा हो सकता है।
Tags :