🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

हिंदी जनसंपर्क का सशक्त माध्यम - सुनील वर्मा

👤
prativad
👁 2073 व्यूज
📍 भोपाल
हिंदी जनसंपर्क का सशक्त माध्यम - सुनील वर्मा
—बीएमएचआरसी में हिंदी पखवाड़े के उद्घाटन समारोह में जनसंपर्क संचालनालय के उप संचालक सुनील वर्मा ने कहा

16 सितंबर 2025। हिंदी जनसंपर्क का एक सशक्त माध्यम हैं, जिसमें संवाद करना संप्रेषण को पूर्णता प्रदान करता है। सोशल मीडिया ने हिंदी को वैश्विक संवाद का माध्यम बना दिया है। हम हिंदी भाषी लोग हैं और जब हिंदी में संवाद करेंगे, तभी आम लोगों से जुड़ पाएंगे। यह कहना है कि मप्र जनसंपर्क संचालनालय में उप—संचालक श्री सुनील वर्मा का। वे भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, भोपाल में मंगलवार को हुए हिंदी पखवाड़े के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग द्वारा सोशल मीडिया पर अपना पूरा कार्य हिंदी में किया जा रहा है। सारा संवाद हिंदी में होने से हिंदी एक जुड़ाव का सूत्र बन गई है। हिंदी न केवल हमारी मातृभाषा है, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता का भी प्रतीक है। यह दुनिया की सबसे पुरानी और समृद्ध भाषाओं में से एक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी पखवाड़े को मनाने का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अपना कार्यालयीन कामकाज हिंदी में करने के लिए प्रेरित करना है। हिंदी पखवाड़े के दौरान ऐसी प्रतियोगिताएं कारवाई जा रही हैं, जो इस उद्देश्य की पूर्ति में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशानुसार संस्थान के सभी कार्यालयीन कार्य हिंदी एवं द्विभाषी रूप से किए जा रहे हैं। इस तरह पूरा बीएमएचआरसी हिंदी के विकास और राजभाषा नीति के क्रियान्यवन के लिए पूरी तन्मयता से काम कर रहा है।

प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग यादव ने कहा कि हिंदी पखवाड़े के अतिरिक्त पूरे वर्ष भी बीएमएचआरसी की कोशिश होती है कि राजभाषा संबंधी नियमों का पालन किया जाए। पिछले साल कर्मचारियों को हिंदी में प्रवीण बनाने के लिए पारंगत प्रशिक्षण का आयोजन करवाया गया। इस बार हिंदी टायपिंग का प्रशिक्षण दिया गया। कर्मचारियेां के लिए लगातार हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है साथ ही हिंदी में अधिक से अधिक काम करने वाले कर्मचारियेां को प्रोत्साहित करने के लिए हिंदी प्रोत्साहन योजना के तहत पुरस्कार भी प्रदान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में हिंदी पखवाड़ा आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, व अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
Tags :