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जिंदल स्टील ने जर्मनी की सबसे बड़ी स्टील कंपनी थिसेंक्रुप में दिलचस्पी दिखाई

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prativad
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📍 नई दिल्ली
जिंदल स्टील ने जर्मनी की सबसे बड़ी स्टील कंपनी थिसेंक्रुप में दिलचस्पी दिखाई
18 सितंबर 2025। नवीन जिंदल ग्रुप की इकाई जिंदल स्टील इंटरनेशनल ने जर्मनी की दिग्गज कंपनी थिसेंक्रुप स्टील यूरोप को खरीदने के लिए एक नॉन-बाइंडिंग ऑफर पेश किया है। हालांकि, बोली की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।

कंपनी ने कहा कि उसने थिसेंक्रुप के लिए एक भविष्य उन्मुख योजना पेश की है, जिसका मकसद स्टील उत्पादन को डिकार्बोनाइजेशन के साथ सस्ता और टिकाऊ बनाना है। इसके तहत जर्मनी में उत्पादन सुरक्षित रहेगा और नए कारोबारी अवसर भी पैदा होंगे।

जिंदल ने स्पष्ट किया कि वह 2027 से ओमान स्थित अपने हाइड्रोजन-रेडी DRI प्लांट से कम-कार्बन स्टील सप्लाई करने की योजना बना रही है, जिससे जर्मनी में पर्यावरण-अनुकूल स्टील उत्पादन को गति मिलेगी और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

रॉयटर्स के अनुसार, थिसेंक्रुप ने इस प्रस्ताव पर कहा कि वह इसे ध्यान से परखेगी—खासतौर पर आर्थिक स्थिरता, ग्रीन ट्रांजिशन की निरंतरता और अपने स्टील संयंत्रों में रोजगार के प्रभाव को देखते हुए। साथ ही, भारतीय कंपनी इस सौदे के हिस्से के रूप में थिसेंक्रुप की पेंशन देनदारियों को भी उठाने को तैयार बताई गई है।

थिसेंक्रुप फिलहाल लागत कम करने और कारोबार को केंद्रित बनाने के लिए अपने कई बिज़नेस से आंशिक रूप से बाहर निकलने की प्रक्रिया में है।
गौरतलब है कि पिछले साल जिंदल स्टील ने चेक गणराज्य की कंपनी विटकोविसे स्टील का अधिग्रहण किया था।
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