🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

अप्रैल से सितंबर के बीच कभी भी लागू हो सकता है जीएसटी : जेटली

👤
DD
👁 19730 व्यूज
📍 New Delhi
अप्रैल से सितंबर के बीच कभी भी लागू हो सकता है जीएसटी : जेटली
अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए बजट में खर्च बढ़ाने पर होगा फोकस

जीएसटीइनकम टैक्स जैसा नहीं, यह लेनदेन से जुड़ा कर है। इसलिए इसे एक अप्रैल से सितंबर 2017 के बीच किसी भी समय लागू किया जा सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां शनिवार को यह विचार व्यक्त किए। वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) एक अप्रैल से लागू होगा यह नहीं, इस पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।



उन्होंने कहा, 'जीएसटी को लागू करने की संवैधानिक अनिवार्यता 16 सितंबर 2017 तक है। इसे हम जितना जल्दी लागू करेंगे उतना ही यह नई कर प्रणाली के लिए अच्छा होगा।' वित्त मंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि नई व्यवस्था में हर करदाता इकाई का आकलन केवल एक बार होना चाहिए। जेटली उद्योग संगठन फिक्की की सालाना आम बैठक (एजीएम) में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, 'जीएसटी काउंसिल ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 10 मुद्दों को सुलझा लिया गया है।



अब सिर्फ टैक्स एडिमिनिस्ट्रेशन के अधिकार से जुड़ा एक मुद्दा ही बचा है जिसे सुलझाया जाना बाकी है। जहां तक जीएसटी को लागू करने की संवैधानिक स्थिति की बात है तो यह बिल्कुल स्पष्ट है। पूरा संशोधन 16 सितंबर 2016 को अधिसूचित किया गया था। यह पुरानी कराधान व्यवस्था को एक साल जारी रखने की अनुमति देता है।'



जीएसटी के अमल में आने के बाद केंद्र के उत्पाद कर, सेवा कर और राज्यों के वैट, बिक्री कर इसमें समाहित हो जाएंगे। संसद में जीएसटी से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के अगस्त में पारित होने के बाद सितंबर मध्य तक आधे से अधिक राज्य विधानसभाएं इसकी पुष्टि कर चुकी हैं। जिन विधेयकों को संसद और राज्य विधानसभाओं में पारित किया जाना है उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। जेटली ने कहा, 'मुझे इन विधेयकों के पारित होने में किसी तरह की परेशानी नहीं दिखाई देती है।'



कहा - जीएसटी काउंसिल ने 10 मुद्दों को सुलझा लिया, सिर्फ एक मुद्दा बचा
Tags :