🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

दो साल के तनाव के बाद भारत-कनाडा करीब, यूरेनियम सप्लाई समझौता फाइनल स्टेज में

👤
prativad
👁 1016 व्यूज
📍 भोपाल
दो साल के तनाव के बाद भारत-कनाडा करीब, यूरेनियम सप्लाई समझौता फाइनल स्टेज में
26 नवंबर 2025। भारत और कनाडा के बीच संबंधों में जमी बर्फ अब पिघलती दिख रही है। दोनों देशों ने करीब 2.8 बिलियन डॉलर की यूरेनियम सप्लाई डील को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। कनाडाई अखबार ग्लोब एंड मेल के मुताबिक यह समझौता न सिर्फ ऊर्जा सहयोग बढ़ाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच पिछले दो वर्षों से चल रहे तनाव को कम करने का एक बड़ा संकेत भी है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस डील के तहत कनाडा की Cameco Corp भारत को लंबी अवधि तक यूरेनियम सप्लाई करेगी। यह व्यवस्था दस साल तक चल सकती है और आगे बड़े परमाणु सहयोग का रास्ता खोल सकती है।

दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का माहौल रविवार को और साफ दिखा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहान्सबर्ग में G20 समिट के दौरान कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और दो साल से रुकी ट्रेड बातचीत को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई।

मीटिंग के बाद मोदी ने X पर लिखा कि पिछली मुलाकात के बाद से रिश्तों में आई तेजी सराहनीय है और आने वाले महीनों में दोनों देश ट्रेड, निवेश, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि दोनों पक्षों ने अपने पुराने सिविल न्यूक्लियर सहयोग को मजबूत करने की इच्छा जताई है और लंबी अवधि के यूरेनियम सप्लाई अरेंजमेंट पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया है।

यह सकारात्मक बदलाव ऐसे समय में आ रहा है जब 2023 के दिल्ली G20 समिट के बाद भारत-कनाडा रिश्ते लगातार बिगड़ते चले गए थे. मोदी ने उस दौरान कनाडा में सक्रिय कट्टरपंथी समूहों की भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई थी। स्थिति अक्टूबर 2024 में और खराब हो गई, जब ओटावा ने भारतीय राजनयिकों पर कनाडा में सिख कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया और दोनों देशों ने एक-दूसरे के डिप्लोमैट्स को निकाल दिया।

लेकिन इस साल जून में G7 समिट के दौरान कार्नी और मोदी की मुलाकात के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने की प्रक्रिया तेज हुई। अब दोनों देशों ने अपने मिशनों में स्टाफ बढ़ाने पर भी सहमति बना ली है।

कुल मिलाकर, यूरेनियम डील दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्मी लाने वाला कदम साबित हो सकती है।


Photo: Canadian Prime Minister Mark Carney and Indian Prime Minister Narendra Modi during the G20 Summit in Johannesburg, South Africa, on November 23, 2025. © Global Look Press / Sean Kilpatrick
Tags :