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पुतिन के भारत दौरे में Su-57 लड़ाकू विमान सबसे अहम मुद्दा, क्रेमलिन का बयान

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📍 भोपाल
पुतिन के भारत दौरे में Su-57 लड़ाकू विमान सबसे अहम मुद्दा, क्रेमलिन का बयान
दोनों देश पांचवीं पीढ़ी के सुखोई जेट के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा में

2 दिसंबर 2025। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस हफ्ते होने वाले भारत दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ Su-57 फाइटर जेट के संयुक्त उत्पादन पर चर्चा करेंगे। यह जानकारी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने दी है।

भारत हाल के वर्षों में रूस सहित साझेदार देशों की रक्षा कंपनियों को घरेलू हथियार कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा निर्माण को और मजबूत किया जा सके।

पेसकोव के अनुसार, Su-57 का मुद्दा पुतिन के एजेंडा में सबसे ऊपर रहेगा।
इसके साथ ही बैठक में चाबहार पोर्ट और चेन्नई–व्लादिवोस्तोक समुद्री व्यापार मार्ग पर भी चर्चा शामिल होगी।

चाबहार पोर्ट, इंटरनेशनल नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मल्टी-मॉडल नेटवर्क भारत को रूस, मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ता है। भारत लंबे समय से चाबहार के विकास में निवेश कर रहा है।

पेसकोव ने कहा कि रूस भारत के साथ कई क्षेत्रों में संयुक्त उत्पादन बढ़ा रहा है और भविष्य में भी इसे और विस्तार देने का इरादा रखता है। उनके शब्दों में, “भारत के साथ जो कुछ भी साझा किया जा सकता है, हम साझा करेंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन मसले पर भारत रूस की बात सुनने के लिए तैयार है, और दोनों देशों के बीच आपसी समझ बनी हुई है।

क्रेमलिन प्रवक्ता के मुताबिक, रूस का भारत और चीन दोनों के साथ “बहुत ऊंचे स्तर का सहयोग” जारी है।

राष्ट्रपति पुतिन 4–5 दिसंबर को भारत की अपनी दसवीं यात्रा पर पहुंचेंगे।
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