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भोपाल की झीलों में शुरू हुआ नया जल-पर्यटन दौर, सीएम ने की शिकारों की शुरुआत

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📍 भोपाल
भोपाल की झीलों में शुरू हुआ नया जल-पर्यटन दौर, सीएम ने की शिकारों की शुरुआत
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन का नया दौर
अब भोपाल ताल में मिलेगा शिकारे पर सैर का आनंद
डल झील की तर्ज़ पर भोपाल को मिलेगी शिकारे की नई सौग़ात

3 दिसंबर 2025। मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के द्वारा अपर लेक बोट क्लब भोपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा पूर्व में व्यक्त की गई इच्छा के अनुसार 20 शिकारों जो की डल लेक कश्मीर की तर्ज पर निर्मित हुए है, का अर्जन किया गया है। शिकारों का संचालन प्रदेश में प्रथम बार वृह्त रूप से किया जाएगा और इससे अपर लेक बोट क्लब भोपाल में जल पर्यटन की छवि राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उभर कर आएगी।

शिकारों का निर्माण पर्यावरण प्रदूषण रहित सामग्री, फाईवर रिइनफोर्स्‍ड पॉलीयूरिथेन, अत्‍यन्‍त आधुनिक नॉन रिएक्‍टीव मटेरियल के द्वारा किया गया है। इस मटेरियल का पानी से कोई भी रिएक्‍शन नहीं होता है तथा यह पानी में किसी तरीके का प्रदूषण नहीं करता है। पर्यटन निगम के बोट क्‍लब भोपाल के द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि शिकारों के चालन के जरिये कशमीर में डल लेक के समान पर्यटन सुविधा का विकास हो सके और पर्यटकों को क्रूज बोट का चालन बंद होने के कारण अपर लेक में पैदा हुए पर्यटन सुविधा की कमी को इस नये प्रयोग से पूर्ण किया जा सके।



शिकारा का निर्माण अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर ख्‍याति प्राप्‍त कम्‍पनी मेसर्स कलकत्ता वाटर स्‍पोर्ट्स के द्वारा किया गया है। इसी कम्‍पनी के द्वारा निर्मित शिकारे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर असम, बंगाल तथा केरल में भी चलाये जा रहे है एवं पर्यटकों के द्वारा काफी पसंद किये जा रहे है। कुल 20 शिकारे अपर लेक भोपाल के लिये लाये गये है, जिनकी कुल लागत राशि रू० 61,04,600/- है।
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