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भारत अंतरिक्ष में डेटा सेंटर लॉन्च करने पर विचार कर रहा

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📍 भोपाल
भारत अंतरिक्ष में डेटा सेंटर लॉन्च करने पर विचार कर रहा
8 जनवरी 2026। भारत अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावना पर काम कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में फिजिकल डेटा सेंटर जैसी संरचना तैनात करने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहा है। यह पहल अभी शुरुआती चरण में है।

अंतरिक्ष विभाग और ISRO से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताया है कि एजेंसी अंतरिक्ष में डेटा प्रोसेसिंग के नए मॉडल पर विचार कर रही है। ISRO प्रमुख वी. नारायणन के अनुसार, यह पहल “भविष्य की तकनीकों के विकास” की दिशा में की जा रही है और फिलहाल इस पर प्रारंभिक स्तर का काम हुआ है।

वर्तमान व्यवस्था में सैटेलाइट मुख्य रूप से डेटा एकत्र करने का काम करते हैं। ऑर्बिट में जुटाई गई इमेज, सिग्नल और अन्य माप को ग्राउंड स्टेशनों पर भेजा जाता है, जहां उसका प्रोसेसिंग और विश्लेषण होता है। अब भारत इस पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर ऑन-बोर्ड डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज की दिशा में कदम रखने की योजना बना रहा है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑन-बोर्ड प्रोसेसिंग से कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ज्यादा लचीलापन मिलता है, क्योंकि उन्हें ऑर्बिट में ही री-कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इससे डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ सकती है और ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम हो सकती है।

यह विकास ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में टेक कंपनियां और अंतरिक्ष एजेंसियां अंतरिक्ष में डेटा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं पर काम कर रही हैं, ताकि असीमित सौर ऊर्जा का बेहतर उपयोग किया जा सके। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के आकलन के अनुसार, 2030 तक वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटरों की बढ़ती संख्या के कारण बिजली की मांग लगभग दोगुनी हो सकती है।

भारत ने अगले तीन वर्षों में अपने वार्षिक स्पेसक्राफ्ट उत्पादन को तीन गुना करने और 2030 तक वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में हिस्सेदारी 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में, दिसंबर में ISRO ने अब तक का सबसे भारी व्यावसायिक संचार उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसे ‘बाहुबली’ रॉकेट के जरिए US आधारित AST SpaceMobile के ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया गया।
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