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एपस्टीन फाइलों के नाम पर फर्जी तस्वीरों से सोशल मीडिया पर भ्रम, लाखों लोग हुए गुमराह

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📍 भोपाल
एपस्टीन फाइलों के नाम पर फर्जी तस्वीरों से सोशल मीडिया पर भ्रम, लाखों लोग हुए गुमराह
6 फरवरी 2026। एपस्टीन फाइलों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर गलत जानकारी की बाढ़ आ गई है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी और साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली की AI से बनी और छेड़छाड़ की गई तस्वीरें वायरल की जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें एपस्टीन फाइलों के नए दस्तावेज़ों से ली गई हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

मीडिया विश्वसनीयता पर नज़र रखने वाली संस्था न्यूज़गार्ड ने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सात फर्जी तस्वीरों की पहचान की है। अकेले X पर ही इन तस्वीरों को 21.2 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

यह सच है कि कुछ तस्वीरों में कई प्रभावशाली नेता और मशहूर हस्तियां दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ दिखाई देती हैं, जिनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भी शामिल हैं। लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब उन लोगों को भी जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जाती है, जिनका एपस्टीन से कोई वास्तविक संबंध नहीं था। इस सूची में डोनाल्ड ट्रंप जैसे नाम भी शामिल किए जा रहे हैं, जिनका जिक्र न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार 5,300 से अधिक दस्तावेज़ों में आता है, लेकिन संदर्भ और प्रमाण अलग-अलग हैं।



गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन जांच से जुड़े लाखों दस्तावेज़ सार्वजनिक किए थे। एपस्टीन को 2008 में नाबालिग से यौन संबंध के मामले में दोषी ठहराया गया था और 2019 में नाबालिगों की सेक्स ट्रैफिकिंग के संघीय आरोपों के दौरान हिरासत में उसकी मौत हो गई थी।

जहां पत्रकार और डिजिटल जांचकर्ता दस्तावेज़ों की गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं, वहीं कुछ कट्टरपंथी सोशल मीडिया यूज़र्स जानबूझकर झूठे दावे फैला रहे हैं। वे ऐसी तस्वीरें और कंटेंट सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं, जो असल फाइलों का हिस्सा ही नहीं हैं।

ऐसी ही तीन तस्वीरों में कथित तौर पर ज़ोहरान ममदानी को बचपन में एपस्टीन के साथ दिखाया गया है। दो तस्वीरों में उनकी मां मीरा नायर, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म निर्देशक हैं, भी नजर आती हैं। इन तस्वीरों के ज़रिये ममदानी परिवार को एपस्टीन के अपराधों से जोड़ने की कोशिश की गई।

साजिश सिद्धांत फैलाने वाले एलेक्स जोन्स ने इनमें से एक तस्वीर पोस्ट करते हुए दावा किया कि चैटबॉट ‘ग्रोक’ के अनुसार यह तस्वीर असली है। जोन्स की इस पोस्ट को एक दिन में 1.5 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया। खुद ग्रोक, जिसे पहले भी पक्षपातपूर्ण और अविश्वसनीय बताया जा चुका है, ने तस्वीर को असली बताया।

हालांकि न्यूज़गार्ड की जांच में साफ हो गया कि ये तस्वीरें AI से बनाई गई हैं। गूगल के AI चैटबॉट जेमिनी के जरिए की गई समीक्षा में तस्वीरों में ‘सिंथआईडी’ नाम का एक अदृश्य वॉटरमार्क मिला, जो गूगल के AI इमेज जनरेटर से बने कंटेंट में मौजूद होता है।

इसी तरह, कुछ यूज़र्स एक ईमेल की तस्वीर शेयर कर रहे हैं, जिसे कथित तौर पर निक्की हेली ने एपस्टीन को भेजा था। ईमेल में लिखा है कि उनके साथ दो बच्चे हैं और वह उनसे फ्लाइट का इंतज़ाम करने को कह रही हैं। इस दावे को ब्रिटिश धुर-दक्षिणपंथी कमेंटेटर मिलो यानोपोलोस ने भी शेयर किया, जिसे 4.26 लाख से ज्यादा व्यू मिले।

न्यूज़गार्ड के मुताबिक, न्याय विभाग की जारी फाइलों में ऐसा कोई ईमेल मौजूद नहीं है और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि निक्की हेली ने कभी एपस्टीन से फ्लाइट की मांग की हो।

हर दिन नई-नई फर्जी तस्वीरें सामने आ रही हैं। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की एपस्टीन के साथ दिखाई देने वाली एक नकली ग्रुप फोटो भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसे कई लोग सच मान बैठे हैं।

यह स्थिति चौंकाने वाली जरूर है, लेकिन नई नहीं। न्यूज़गार्ड के एक सर्वे के अनुसार, पिछले साल अमेरिका में करीब आधे लोग किसी न किसी बड़ी खबर से जुड़े कम से कम एक झूठे दावे पर भरोसा कर चुके हैं। डिजिटल दौर में यह साफ संकेत है कि सच और झूठ के बीच की लड़ाई अब पहले से ज्यादा कठिन हो चुकी है।
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