🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

नई विश्व व्यवस्था में भारत केंद्र में, वैश्विक ताकतें नई दिल्ली की ओर देख रहीं: मोदी

👤
prativad
👁 1363 व्यूज
📍 भोपाल
नई विश्व व्यवस्था में भारत केंद्र में, वैश्विक ताकतें नई दिल्ली की ओर देख रहीं: मोदी
8 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच दुनिया की नई विश्व व्यवस्था भारत की ओर झुक रही है। उनका कहना है कि भारत आज केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि भरोसेमंद साझेदार और स्थिर दोस्त के तौर पर पहचाना जा रहा है।

गुरुवार को राज्यसभा में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक कल्याण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और कई देश नई दिल्ली के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए उत्सुक हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने हाल ही में भारत के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की है, और उससे पहले भारत यूरोपीय संघ के साथ भी बड़ा करार कर चुका है।

मोदी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की सशक्त आवाज़ बन चुका है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल के वर्षों में नौ बड़े व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें जनवरी में 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ हुआ व्यापक समझौता भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि देश दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक भारत इस समय अनुकूल परिस्थितियों के एक दुर्लभ दौर से गुजर रहा है।

मोदी ने कहा, “जहां विकसित देशों की आबादी तेज़ी से बूढ़ी हो रही है, वहीं भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छूते हुए युवा बन रहा है।” आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है, जो दुनिया में सबसे बड़ी युवा जनसंख्या मानी जाती है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत की प्रतिभा को वैश्विक पहचान मिलने के बाद दुनिया का भारत के प्रति आकर्षण और भरोसा दोनों बढ़े हैं। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2027 में यह 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है। IMF के आंकड़े भी बताते हैं कि 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में भारत और चीन का योगदान अमेरिका से अधिक होगा।

मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अब महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर गंभीरता से ध्यान दे रहा है, क्योंकि ये संसाधन भू-राजनीतिक ताकत का साधन बन चुके हैं। उद्देश्य साफ है—आने वाले समय में किसी भी मोर्चे पर निर्भरता से बचना।

इस दिशा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत संसाधन आधारित भू-रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन व दुर्लभ पृथ्वी गलियारों जैसी पहलों के ज़रिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा रहा है। उनके शब्दों में, दुनिया अब भारत की ज़मीन, उसकी प्रतिभा और उसके विकास पथ में अपना भविष्य देख रही है।

आंकड़े भी इसी भरोसे की पुष्टि करते हैं। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़कर 64.7 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में 2024 में यह 55.8 अरब डॉलर था।
Tags :