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हिंदी और भारतीय भाषाओं के संरक्षण– संवर्धन की दिशा में टैगोर विश्वविद्यालय के कार्य अनुकरणीय हैं–डॉ. श्वेता सिंह, रूस की हिंदी साहित्यकार

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📍 भोपाल
हिंदी और भारतीय भाषाओं के संरक्षण– संवर्धन की दिशा में टैगोर विश्वविद्यालय के कार्य अनुकरणीय हैं–डॉ. श्वेता सिंह, रूस की हिंदी साहित्यकार
28 मार्च 2026। रबींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल में रूस की हिंदी साहित्यकार डॉ. श्वेता , श्रीलंका की वरिष्ठ हिंदी प्राध्यापिका डॉ. निलान्थी राजपक्षे, तथा शोध छात्रा सुगंधि कुलसिंघे, श्रीलंका का आत्मीय अभिनंदन किया गया। इस अवसर डॉ. श्वेता सिंह, रूस ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय हिंदी, भारतीय भाषाओं और लोक बोलियों के संरक्षण तथा संवर्धन के साथ भारतीय संस्कृति, साहित्य और कला के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर जो कार्य कर रहा हैं, वह अद्वितीय है, अनुकरणीय हैं।

डॉ. निलान्थी राजपक्षे, श्रीलंका ने कहा कि टैगोर विश्वविद्यालय का वातावरण और यहाँ संपादित हो रहे कार्यों को करीब से देखने और जानने का यह अवसर सदैव अविस्मरणीय रहेगा। भारतीय संस्कृति को समर्पित आपके द्वारा संचालित ऑनलाइन कोर्स से श्रीलंका के विद्यार्थियों को भी जोड़ने का प्रयास करेंगे। सुश्री सुगंधि कुलसिंघे, श्रीलंका ने कहा कि रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय वास्तव में मध्य भारत में शांति निकेतन का अनुभव कराता हैं।

रूस और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, विश्व रंग फाउंडेशन, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र, टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संस्कृत, प्राच्य भाषा शिक्षण एवं भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र, अनुवाद केन्द्र, भाषा शिक्षण केन्द्र का भ्रमण किया।

इस अवसर पर डॉ. संगीता जौहरी, कुलसचिव, डॉ. जवाहर कर्नावट, सलाहकार, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र, डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी, डीन, मानविकी एवं उदार कला संकाय, श्री विनय उपाध्याय, निदेशक, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, श्री विकास अवस्थी, सीईओ, विश्व रंग फाउंडेशन, श्री संजय सिंह राठौर, सचिव, विश्व रंग फाउंडेशन, डॉ. संजय दुबे, डॉ. सावित्री सिंह परिहार, समन्वयक, संस्कृत, प्राच्य भाषा शिक्षण एवं भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र, श्री विक्रांत भट्ट, सह–निदेशक, टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, श्री मुदित श्रीवास्तव, सह-संपादक, रंग संवाद, श्री दिनेश लोहनी, समन्वयक, विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड आदि से रचनात्मक विचार विमर्श किया गया। टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों से अतिथियों ने बहुत सार्थक वार्तालाप किया।

इस अवसर पर अतिथियों को विश्व में हिंदी, रूस की चयनित रचनाएँ, श्रीलंका की चयनित रचनाएँ रंग संवाद, वनमाली कथा, वनमाली वार्ता, विश्व रंग संवाद, अनुनाद, सफह पर आवाज सहित विश्व रंग का साहित्य भेंट किया गया।
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