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मस्क बनाम OpenAI: CEO हटाने की मांग तक पहुंचा विवाद

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📍 भोपाल
मस्क बनाम OpenAI: CEO हटाने की मांग तक पहुंचा विवाद
9 अप्रैल 2026। टेक अरबपति Elon Musk ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के खिलाफ चल रहे अपने मुकदमे को और तेज कर दिया है। अब उन्होंने कंपनी के CEO Sam Altman और प्रेसिडेंट Greg Brockman को पद से हटाने की मांग की है।

कोर्ट में दाखिल ताज़ा दस्तावेज़ों के मुताबिक, मस्क का आरोप है कि OpenAI ने अपनी मूल गैर-लाभकारी (non-profit) सोच से हटकर खुद को मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी में बदल लिया। उनका कहना है कि 2015 में सह-स्थापना के समय उन्होंने करीब 38 मिलियन डॉलर इस शर्त पर दिए थे कि कंपनी मानवता के हित में काम करेगी, न कि व्यावसायिक लाभ के लिए।

मामले में यह भी सामने आया है कि OpenAI ने अपने ढांचे में बदलाव करते हुए एक ऐसी संरचना बनाई है, जिसमें गैर-लाभकारी संस्था के तहत एक मुनाफ़ा कमाने वाली इकाई भी काम करती है। इसी बदलाव को मस्क “अवैध और मूल समझौते के खिलाफ” बता रहे हैं।

मस्क के वकीलों ने कोर्ट से मांग की है कि ऑल्टमैन और ब्रॉकमैन को उनके पदों से हटाया जाए और कथित तौर पर कमाए गए निजी आर्थिक लाभ की वसूली की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि OpenAI को “सुरक्षा-प्रथम AI” और खुले शोध के अपने मूल वादों पर लौटना चाहिए।

वहीं OpenAI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मस्क “बेबुनियाद दावों” के जरिए कंपनी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि मस्क अपने प्रतिद्वंद्वियों को कमजोर करने के लिए दूसरे टेक लीडर्स, जैसे Mark Zuckerberg के साथ तालमेल बैठा रहे हैं।

पृष्ठभूमि पर नज़र डालें तो मस्क ने 2018 में OpenAI से अलग रास्ता अपना लिया था। इसके बाद उन्होंने xAI नाम से अपनी AI कंपनी शुरू की, जबकि X (पूर्व में Twitter) का अधिग्रहण भी किया।

दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में xAI और OpenAI दोनों ने अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन के साथ AI तकनीक को सरकारी सिस्टम में शामिल करने के समझौते किए हैं। हालांकि, इन प्रोजेक्ट्स को लेकर सुरक्षा और नैतिकता पर बहस तेज हो गई है।

इसी बीच, AI कंपनी Anthropic भी पेंटागन के साथ अपने विवाद को लेकर चर्चा में है। कंपनी ने अपने उन्नत AI मॉडल “Claude” के सुरक्षा फीचर्स में ढील देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते उसे सप्लाई चेन जोखिम तक घोषित कर दिया गया।

इस पूरे मामले की सुनवाई इसी महीने के अंत में शुरू होने वाली है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस हाई-प्रोफाइल टेक टकराव में किस पक्ष के तर्क को ज्यादा वजन देती है।
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