🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

कूनो नेशनल पार्क में दिखा दुर्लभ कैराकल, CM मोहन यादव बोले- संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता

👤
prativad
👁 668 व्यूज
📍 भोपाल
कूनो नेशनल पार्क में दिखा दुर्लभ कैराकल, CM मोहन यादव बोले- संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता
श्योपुर 6 जून 2026। मध्य प्रदेश के चर्चित कूनो नेशनल पार्क में एक दुर्लभ कैराकल (Caracal) के दिखाई देने से वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों में उत्साह है। वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरा ट्रैप में इस दुर्लभ जंगली बिल्ली की तस्वीर कैद हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना कूनो के बेहतर होते प्राकृतिक आवास और समृद्ध जैव विविधता का संकेत है।



शनिवार को वन्यजीव सर्वेक्षण के दौरान कैमरा ट्रैप में कैराकल की मौजूदगी दर्ज की गई। कैराकल अपनी असाधारण फुर्ती, ऊंची छलांग लगाने की क्षमता और कानों पर मौजूद काले गुच्छेदार बालों के लिए जाना जाता है। भारत में इसकी संख्या बेहद सीमित है, इसलिए इसका दिखना संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के आसपास कैराकल का दिखाई देना प्रकृति संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन का सकारात्मक संदेश है। उन्होंने इसे राज्य के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता बताया।

वन अधिकारियों के अनुसार, कई वर्षों बाद इस क्षेत्र में कैराकल की उपस्थिति दर्ज होना इस बात का संकेत है कि कूनो का पारिस्थितिक तंत्र दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों के लिए अनुकूल बन रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज पार्क की स्वस्थ जैव विविधता और बेहतर होते इकोसिस्टम को दर्शाती है।

गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क पहले ही भारत के महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना के कारण वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। अब कैराकल की मौजूदगी ने इस संरक्षित क्षेत्र के वन्यजीव महत्व को और बढ़ा दिया है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज भविष्य में कैराकल संरक्षण योजनाओं को मजबूत करने और इसके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रयासों को नई दिशा दे सकती है। साथ ही यह भी साबित करती है कि कूनो में चल रहे संरक्षण कार्यक्रम सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं।
Tags :