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दीक्षा प्लेटफॉर्म से 2.25 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता जुड़े, 575 करोड़ से ज्यादा शिक्षण सत्र पूरे

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📍 भोपाल
दीक्षा प्लेटफॉर्म से 2.25 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता जुड़े, 575 करोड़ से ज्यादा शिक्षण सत्र पूरे
नई दिल्ली 28 जून 2026। भारत की डिजिटल शिक्षा क्रांति को नई गति देने वाले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (DIKSHA) प्लेटफॉर्म से अब तक 2.25 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म देशभर में छात्रों और शिक्षकों को बहुभाषी, गुणवत्तापूर्ण और इंटरैक्टिव डिजिटल शिक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है।

2017 में शुरू किया गया दीक्षा प्लेटफॉर्म शिक्षा मंत्रालय की 'पीएम ई-विद्या' पहल का प्रमुख हिस्सा है और इसे देश का "वन नेशन, वन डिजिटल प्लेटफॉर्म" माना जाता है। यह मंच National Council of Educational Research and Training (एनसीईआरटी) और उसके अंतर्गत Central Institute of Educational Technology (सीआईईटी) द्वारा संचालित किया जाता है।

135 भाषाओं में उपलब्ध है सामग्री
दीक्षा प्लेटफॉर्म 135 भाषाओं, जिनमें 128 भारतीय और 7 विदेशी भाषाएं शामिल हैं, में उपलब्ध है। इसमें के-12 शिक्षा, बुनियादी साक्षरता, डिजिटल पाठ्य सामग्री, वर्चुअल लैब, साइन लैंग्वेज वीडियो, क्विज, प्रश्न बैंक और शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रमुख उपलब्धियां
27 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार:

पंजीकृत उपयोगकर्ता: 2.25 करोड़
प्रतिदिन सक्रिय उपयोगकर्ता: करीब 3 लाख
कुल शिक्षण सत्र: 575.25 करोड़
कुल शिक्षण मिनट: 6,691.82 करोड़
एनर्जाइज्ड पाठ्यपुस्तकें: 7,687
डिजिटल शैक्षणिक सामग्री: 3.67 लाख
कुल नामांकन: 18.77 करोड़
पूर्ण किए गए पाठ्यक्रम: 14.82 करोड़
जारी प्रमाणपत्र: 12.79 करोड़
उपलब्ध पाठ्यक्रम: 347
उत्तर प्रदेश सबसे आगे, मध्य प्रदेश भी शीर्ष राज्यों में

राज्यवार पंजीकृत उपयोगकर्ताओं में Uttar Pradesh 26.80 लाख उपयोगकर्ताओं के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद Gujarat में 14.64 लाख, Bihar में 12.52 लाख, Rajasthan में 11.41 लाख और Madhya Pradesh में 10.35 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं।

शिक्षा के भविष्य को आकार दे रहा दीक्षा
सरकार का कहना है कि दीक्षा प्लेटफॉर्म डिजिटल नवाचार, समावेशी शिक्षा और व्यक्तिगत सीखने के अनुभव को बढ़ावा देकर देश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुलभ और भविष्य के लिए तैयार बना रहा है। यह मंच भौगोलिक और भाषाई बाधाओं को दूर कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को देश के हर छात्र तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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