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प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति

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prativad
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📍 भोपाल
प्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रूपये की स्वीकृति
कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना 2031 तक निरंतर रखने के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति
मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय
नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रूपये की स्वीकृति
टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय
वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

14 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने शहरों के कायाकल्प के लिए नगरीय अधोसंरचना विकास मद में 8 हजार 445 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुण्डलिया परियोजना को निरंतर रखने जैसे कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगायी है।

कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के 1,39,600 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रूपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जायेगी।

टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद ने टेक-होम राशन के उत्पादन एवं प्रदाय की व्यवस्था मध्यप्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल हस्तांतरित किये जाने का निर्णय लिया है। तत्कालिक रूप से अन्तरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। अन्तरिम व्यवस्था तत्काल प्रारंभ किए जाने के साथ ही भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने एवं नवीन निर्देश अनुसार व्यवस्था स्थापित होने तक के लिए टेक होम राशन की व्यवस्था, अल्प कालीन निविदा के माध्यम से किए जाने के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।

नगरीय क्षेत्रो में अधोसंरचना विकास के लिए 8 हजार 445 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ म.प्र. नगर पलिका/नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका तथा नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा ऐसी परियोजनाओं के लिए निकायों द्वारा लिए गये ऋण पुनर्भुगतान के लिए किया जाता है।

वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओ को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रूपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रूपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रूपये स्वीकृत किए गए है। इन योजनाओं के तहत कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय व्यय, व्यावसायिक सेवाओं का भुगतान और मशीन/फर्नीचर/वाहनों का संधारण किया जाता है।
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