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भारत ने डिजिटल रुपये की पायलट योजना दो और केंद्र शासित प्रदेशों तक बढ़ाई

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📍 भोपाल
भारत ने डिजिटल रुपये की पायलट योजना दो और केंद्र शासित प्रदेशों तक बढ़ाई
नई दिल्ली 15 अगस्त 2026। भारत ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) यानी डिजिटल रुपये के जरिए कल्याणकारी योजनाओं का भुगतान करने वाली पायलट परियोजना का विस्तार दो और केंद्र शासित प्रदेशों तक कर दिया है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं में डिजिटल भुगतान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को परखना है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत डिजिटल रुपये की यह पहल शुक्रवार को चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली में शुरू की गई। इसके जरिए लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में सीधे राशि पहुंचाई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि ट्रेसेबल और रियल-टाइम भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और कल्याणकारी योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा।

लाभार्थी अपने डिजिटल वॉलेट में मिले रुपये का इस्तेमाल अधिकृत दुकानदारों से जरूरी सामान, जैसे अनाज, खरीदने के लिए कर सकेंगे। डिजिटल लेन-देन की निगरानी से सरकारी सहायता के वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और लीकेज रोकने में मदद मिल सकती है।

यह प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट पायलट इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी और गुजरात में शुरू किया गया था। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2022 में डिजिटल रुपये की शुरुआत की थी और इसके तहत रिटेल CBDC का पायलट भी शुरू किया गया था।

इस बीच RBI गवर्नर ने कहा है कि BRICS के सदस्य देश अपने भुगतान नेटवर्क और CBDC को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं। इसका मकसद सीमा-पार भुगतान को तेज और कम खर्चीला बनाना है।

BRICS के प्रमुख सदस्य चीन, भारत, रूस और ब्राजील पहले ही अपने-अपने CBDC के पायलट कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। डिजिटल रुपये का विस्तार भारत के लिए घरेलू डिजिटल भुगतान के साथ-साथ भविष्य के अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान नेटवर्क में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
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