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भोपाल दुग्ध संघ ने शुरू किए 12 नए मिल्क टैंकर, चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला और 2 इलेक्ट्रिक वाहन

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📍 भोपाल
भोपाल दुग्ध संघ ने शुरू किए 12 नए मिल्क टैंकर, चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला और 2 इलेक्ट्रिक वाहन

एनडीडीबी अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने झंडी दिखाकर किया शुभारंभ, सांची स्मार्ट पार्लर का भी उद्घाटन

19 अगस्त 2026। सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने बुधवार को 12 नए मिल्क टैंकर, एक चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला और दुग्ध उत्पाद वितरण के लिए दो इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन शुरू किया। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने एमपीसीडीएफ के निवर्तमान प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी की उपस्थिति में इन वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रितेश जोशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान भोपाल डेयरी परिसर के फैक्ट्री गेट पर नवनिर्मित सांची स्मार्ट पार्लर का भी उद्घाटन किया गया। स्मार्ट पार्लर के माध्यम से उपभोक्ताओं को सांची के गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित दूध तथा विभिन्न दुग्ध उत्पाद सहजता से उपलब्ध होंगे।

एनडीडीबी अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि आधुनिक परिवहन, वैज्ञानिक गुणवत्ता परीक्षण और पर्यावरण अनुकूल वितरण व्यवस्था डेयरी क्षेत्र को अधिक सक्षम और उपभोक्ता केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भोपाल दुग्ध संघ में शुरू की गई ये सुविधाएं दूध की गुणवत्ता एवं सुरक्षित परिवहन को मजबूत करने के साथ उपभोक्ताओं तक सांची उत्पादों की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करेंगी। दुग्ध सहकारिता की मजबूती के लिए आधुनिक तकनीक के साथ पशुपालकों और उपभोक्ताओं, दोनों के हितों को केंद्र में रखना आवश्यक है।

दूध संकलन में 38 प्रतिशत की वृद्धि
भोपाल दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रितेश जोशी ने कहा कि भोपाल दुग्ध संघ के दूध संकलन में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़े हुए दूध संकलन को कम से कम समय में सुरक्षित तरीके से दुग्ध संयंत्र तक पहुंचाने में नए मिल्क टैंकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से 'दूध का दूध, पानी का पानी' कार्यक्रम को आगे भी निरंतर संचालित किया जाता रहेगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना तथा मिलावट के प्रति सजग बनाना है।

श्री जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दो इलेक्ट्रिक वाहन शुरू किए गए हैं। इनका उपयोग मॉडर्न ट्रेड सेंटर और क्विक कॉमर्स सेंटर तक दूध एवं दुग्ध उत्पाद पहुंचाने में किया जाएगा। पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के साथ ये वाहन परिवहन लागत को कम करने में भी सहायक होंगे।

5,000 लीटर क्षमता वाले 12 नए मिल्क टैंकर
भोपाल दुग्ध संघ द्वारा शुरू किए गए 12 नए मिल्क टैंकरों में प्रत्येक की क्षमता 5,000 लीटर है। इन टैंकरों के माध्यम से दुग्ध सहकारी समितियों से संकलित दूध को सुरक्षित तरीके से कम समय में दुग्ध संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। बढ़ते दूध संकलन को देखते हुए नए टैंकर दुग्ध परिवहन की क्षमता को मजबूत करेंगे।

गुणवत्ता जांच के लिए चलित प्रयोगशाला
चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला सांची की गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों के तहत दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जा सकेगी। प्रयोगशाला में दूध, दही, पनीर, घी और मावा में स्टार्च, यूरिया, माल्टोज, सुक्रोज तथा न्यूट्रलाइजर जैसे विभिन्न मिलावटी पदार्थों की जांच की सुविधा उपलब्ध है।

पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देंगे इलेक्ट्रिक वाहन
दुग्ध उत्पादों के वितरण के लिए शुरू किए गए दो इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देंगे। इनका उपयोग मॉडर्न ट्रेड सेंटर तथा क्विक कॉमर्स सेंटर तक दूध एवं दुग्ध उत्पाद पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

इन 12 मिल्क टैंकरों और चलित दुग्ध परीक्षण प्रयोगशाला की खरीद तथा सांची स्मार्ट पार्लर के निर्माण का कार्य भारत सरकार की नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (एनपीडीडी) योजना के अंतर्गत किया गया है। 12 मिल्क टैंकरों की कुल लागत 3.40 करोड़ रुपये तथा चलित प्रयोगशाला की लागत 20 लाख रुपये है, जिसमें भारत सरकार का 50 प्रतिशत अंशदान है। सांची स्मार्ट पार्लर के लिए 4.25 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

सांची स्मार्ट पार्लर में दुग्ध सहकारी व्यवसाय की पूरी यात्रा को भी प्रदर्शित किया गया है—पशुपालकों, विशेषकर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण से लेकर उन्नत पशुपालन, समिति स्तर पर दूध संकलन, सुरक्षित परिवहन और अंततः उपभोक्ताओं तक गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित दूध पहुंचाने तक। यह सहकारी व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

भोपाल दुग्ध संघ के अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक वाहनों और नई सुविधाओं के माध्यम से दुग्ध संकलन, गुणवत्ता परीक्षण, परिवहन और वितरण की पूरी श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एनडीडीबी के सहयोग से किए जा रहे ये प्रयास सांची ब्रांड के प्रति उपभोक्ताओं के विश्वास को और मजबूत करने में सहायक होंगे।

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