🔴 TRENDING NOW!
सीतारमण ने ग्लोबल टैक्स नियमों में BRICS की बड़ी भूमिका की वकालत, भारत ने दो नए वर्किंग ग्रुप का प्रस्ताव रखा राधिका आप्टे का खुलासा: लीक हुई निजी फुटेज के बाद 4 दिनों तक घर से नहीं निकलीं भारत का KAL Drone: 1,000 KM तक की रेंज, पोखरण में स्वदेशी Long-Range Attack Drone का परीक्षण भारतीय संस्कृति-जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी

100 से ज्यादा बच्चों में बंटेगी Telegram CEO की अरबों डॉलर की संपत्ति, पावेल ड्यूरोव का बड़ा फैसला

👤
Digital Desk
👁 735 व्यूज
📍 भोपाल
100 से ज्यादा बच्चों में बंटेगी Telegram CEO की अरबों डॉलर की संपत्ति, पावेल ड्यूरोव का बड़ा फैसला

27 अगस्त 2026। Telegram के संस्थापक और CEO पावेल ड्यूरोव ने अपनी विशाल संपत्ति 100 से अधिक बच्चों के बीच बांटने की इच्छा जताई है। ड्यूरोव का कहना है कि वह अपने सभी जैविक बच्चों को बराबर अधिकार देना चाहते हैं, चाहे उनका जन्म किसी भी परिस्थिति में हुआ हो।

रिपोर्टों के मुताबिक, ड्यूरोव ने बताया कि वह तीन अलग-अलग पार्टनर्स से छह बच्चों के आधिकारिक पिता हैं। इसके अलावा, उन्होंने करीब 15 साल पहले शुक्राणु दान करना शुरू किया था और उनके अनुसार, इस प्रक्रिया से 12 देशों में 100 से ज्यादा बच्चों का जन्म हुआ।

सभी बच्चों को बराबर हिस्सा देने की योजना

ड्यूरोव ने फ्रांसीसी पत्रिका को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह अपने प्राकृतिक रूप से जन्मे बच्चों और शुक्राणु दान के जरिए जन्मे बच्चों में कोई अंतर नहीं करते। उन्होंने हाल ही में अपनी वसीयत तैयार करने की बात भी कही है।

हालांकि, उनकी योजना के अनुसार बच्चों को उनकी संपत्ति तक तुरंत पहुंच नहीं मिलेगी। रिपोर्टों में कहा गया है कि ड्यूरोव चाहते हैं कि बच्चे करीब 30 साल की अवधि पूरी होने के बाद ही संपत्ति का लाभ लें, ताकि वे अपनी जिंदगी और पहचान खुद बना सकें।

अरबों डॉलर की संपत्ति पर चर्चा
ब्लूमबर्ग की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, उस समय ड्यूरोव की संपत्ति करीब 13.9 अरब डॉलर आंकी गई थी। संपत्ति का वास्तविक मूल्य समय के साथ बदल सकता है, लेकिन उनके बयान ने दुनिया भर में विरासत और असामान्य पारिवारिक व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

ड्यूरोव का यह फैसला जितना असाधारण है, उतना ही चर्चा का विषय भी। अब बड़ा सवाल यह है कि भविष्य में 100 से ज्यादा उत्तराधिकारियों के बीच इतनी बड़ी संपत्ति का कानूनी और व्यावहारिक बंटवारा आखिर कैसे होगा।

Tags :