दृष्टिकोण की ताज़ा खबरें
दुबई में (4 सितम्बर 2022) रात जो था, वह खेल नहीं, उसका स्वांग था। दर्शक मंत्रमुग्ध थे, पुतलीनुमा। डोर थी ऐय्यारों के हाथ! तिलस्म का नजारा रहा।
पाकिस्तान नीचे, भारत फिर ऊपर ! इस्लामी पाकिस्तान को टी-20 क्रिकेट प्रतिस्पर्धा में दुबई में कल रात (28 अगस्त 2022) को हराने पर खुशी से सर्वाधिक
ऊपर का अखबारी शीर्षक पढ़े (अमर उजाला: 24 अगस्त 2022: पृष्ठ 10: कालम 2 से 4)। एक सेक्युलर गणराज्य के चिंतनशील नागरिक के नाते आपकी क्या राय है
१४ अगस्त विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में अब मनना शुरु हुआ है,कैसी निर्दय स्मृति?एक तंग अनुमान के अनुसार भारत-पाक
अमेरिकी राजनेता श्रीमती नैंसी पेट्रीषिया पेलोसी की कल रात (2 अगस्त 2022) ताईवान की यात्रा के विरोध में जिस भांति कम्युनिष्ट चीन चिंघाड
देश में हम आजादी के 75 वर्ष मना रहे हैं और इस अमृत महोत्सव में एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चयन से पूरे देश में खुशी का
इस समय देश में ज्ञानवापी मस्जिद का मुद्दा गरमाया हुआ है परंतु इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गत दिवस नागपुर स्थित संघ
समय का खेल देखिए, जो कल तक भारत को बुरी नजरों से देख रहा था, भारत के बुरा होने और उसके सर्वनाश की कामना करता था, जरूरत पर उन लोगों का
देह रूप में सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के परलोकगमन के बाद एक सवाल सतत मन में कौंधता रहा कि लताजी को किन शब्दों में पारिभाषित करें?
विजयादशमी के पुनीत पर्व के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर स्थित मुख्यालय में शस्त्र पूजन और उसके पश्चात सरसंघचालक
विजयदशमी का त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हम सभी बड़े पारम्परिक तौर-तरीके व उत्साह से मनाते हैं
पिछले कई माहों से भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की अधीरता से प्रतीक्षा की जा रही थी और यह भी सुनने में आ रहा था कि पार्टी के
सार्वजनिक रूप से चेतावनी देने और अधिकारियों को निलंबित करने से लेकर तीखे भाषणों तक, शिवराज सिंह चौहान एक राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव
आखिरकार अफगानिस्तान में तालिबान को कड़ी मशक्कत के बाद बनी अपनी अंतरिम सरकार का शपथग्रहण समारोह रद्द करने के लिए मजबूर होना
दुनिया में कोरोनावायरस के प्रकोप ने अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था जिनमें भारत भी शामिल था। कोरोना की पहली लहर
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट द्वारा किये गए अध्ययन में बताया गया है कि भारत के कुछ शहरों में वायु
9/11के भयावह आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में तालिबान को नेस्तनाबूद करने के प्रण के साथ वहां अपने सैनिक उतारे थे और बीस साल बाद
दो बड़े सवाल हैं। भारतीय जनता पार्टी अपने पितृ-पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे का केवल स्मरण कर रही है? या फिर उनका जन्म शताब्दी वर्ष वाकई