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एमपी विधानसभा बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का विरोध, सदन स्थगित

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📍 भोपाल
एमपी विधानसभा बजट सत्र की हंगामेदार शुरुआत, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का विरोध, सदन स्थगित
16 फरवरी 2026। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को तीखे राजनीतिक माहौल के बीच हुई। कार्यवाही की शुरुआत परंपरा अनुसार छह छंदों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। इसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने अभिभाषण प्रस्तुत किया, लेकिन भाषण के दौरान ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। लगातार नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की विकास उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलाव और संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। सदन में विभिन्न दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी।

विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

भाषण के बीच विपक्ष का हस्तक्षेप

अभिभाषण की शुरुआत में राज्यपाल ने कहा कि देश “अमृत काल” की दहलीज पर खड़ा है। उन्होंने उद्योगों के अनुकूल माहौल, भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने की पहल, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के प्रयास और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों का जिक्र किया।

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि नल-जल योजना और इंदौर में कथित दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख अभिभाषण में नहीं है। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण पूरा किया।

“पढ़ा हुआ माना जाएगा” और स्थगन

राज्यपाल के सदन से प्रस्थान के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ मान लिया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

6 मार्च तक चलेगा सत्र

विधानसभा का यह सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे। शून्यकाल में 83 विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।
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