प्रदेश में मुख्य खनिजों की खदानों की नीलामी की नई प्रक्रिया

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 98

Bhopal: सरकारी कमेटी सभी वैधानिक अनुमतियां लेगी, निजी क्षेत्र को नहीं लेनी होंगी
17 जुलाई 2020। राज्य सरकार ने मुख्य खनिजों की खदानोंं की नीलामी की नवीन प्रक्रिया तय कर दी है। अब एक सरकारी कमेटी नीलामी के पूर्व सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करेगी तथा उसके बाद निजी क्षेत्र को खदानें नीलाम की जायेंगी। इससे निजी क्षेत्र को नीलामी के बाद वैधानिक अनुमतियां लेने में समय जाया नहीं करना पड़ेगा तथा वह जल्द खनन की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेगा। यह कार्यवाही सहज व्यवसाय यानि ईज आफ डूईंग बिजनेस के तहत की गई है।
राज्य के खनिज विभाग ने यह नवीन प्रक्रिया तय करने के आदेश जारी कर दिये। नई प्रक्रिया के तहत मुख्य खनिज के ब्लाक को ई-नीलामी के माध्यम से आवंटित किये जाने के पूर्व समस्त वैधानिक अनुमतियां/सहमति/अनापत्ति प्राप्त कर खनिज ब्लाक में समाविष्ट कर नीलाम किये जाने हेतु राज्य शासन ने सात सदस्यीय प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट यानि पीएमयू का गठन किया है।
ऐसी रहेगी पीएमयू :
पीएमयू के अध्यक्ष संचालक खनिज वीके आस्टिन बनाये गये हैं। उप संचालक खनिज प्रशासन जितेन्द्र कुमार सोलंकी सदस्य के रुप में वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत संपूर्ण कार्यवाही करेंगे। सदस्य उप संचालक वित्त श्रीमती स्वर्णा चतुर्वेदी व्यय संबंधी दायित्व निभायेंगी। सदस्य सहायक भौमिकीविद जेपी श्रीवास्तव वैधानिक प्रावधान संबंधित कार्य करेंगे। सदस्य सहायक भौमिकीविद विकास सोनी पर्यावरणीय अनुमति/सम्मति एवं इससे संबंधित सम्पूर्ण कार्य देखेंगे। सदस्य सहायक भौमिकीविद राजेन्द्र सौंप खनन योजना तैयार किये जाने के संबंध में कार्यवाही करेंगे। उप संचालक तकनीकी केपी दिनकर कमेटी के सदस्य सचिव बनाये गये हैं।
उक्त कमेटी समस्त वैधानिक अनुमतियां प्राप्त किये जाने की योजना तैयार करेगी एवं उसकी मॉनिटरिंग संबंधी समस्त कार्यवाही करेगी। इसके अलावा वैधानिक अनुमतियां प्राप्त किये जाने हेतु अन्य आवश्यक कार्यवाहियां भी करेगी।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि अब मुख्य खनिजों की नीलामी सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही की जायेंगी। यह सभी अनुमतियां सरकारी कमेटी करेगी। इससे निजी क्षेत्र की समय की बचत होगी और वह शीघ्र खनन कार्य शुरु कर सकेगा।



- डॉ. नवीन जोशी

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