मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को लाईफ टाईम टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी.....

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 2008

Bhopal: परिवहन विभाग ने जारी किया नया प्रावधान
28 दिसंबर 2019। प्रदेश की कमलनाथ सरकार की नवीन इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 को अमल में लाते हुये राज्य के परिवहन विभाग ने नया प्रावधान कर दिया है। उसने इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीवनकाल की दर एक प्रतिशत तथा रजिस्ट्रेशन शुल्क शून्य कर दिया है। परन्तु यह सुविधा सभी वाहनों को न मिलकर सीमित संख्या में ही मिलेगी।
इसलिये किया है प्रावधान :
इलेक्ट्रिक वाहनों को पेट्रोल-डीजल के उपयोग से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम एवं पर्यावरण के संरक्षण हेतु बढ़ावा दिया जा रहा है। नई दिल्ली में जिस प्रकार से भयानक प्रदूषण बढ़ा है उससे पूरा देश चिन्तित हुआ है तथा सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया है। इसीलिये इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने यह नया प्रावधान किया गया है।
यह रहेगी जीवन काल एवं रजिस्ट्रशेन में छूट :
राज्य के परिवहन विभाग द्वारा जारी किये गये नये प्रावधान के अनुसार, अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीवन काल कर उसके मानक मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर रहेगा। लेकिन यह छूट सीमित संख्या में ही मिलेगी। यानि जो इलेक्ट्रिक वाहन अभी से अगले पांच वर्षों में क्रय किये जायेंगे उन्हें निर्धारित संख्या तक ही छूट मिलेगी वह भी प्रथम आयो प्रथम पायो के आधार पर। इस प्रावधान के तहत पांच वर्षों के अंदर 250 वाट के 15 हजार दो पहिया वाहनों, 5 हजार शेयर्ड
ई-रिक्शा, 5 हजार ऑटो रिक्शा, 2 हजार तीन पहिया माल वाहन, 6 हजार कारों तथा 1500 बसों जोकि इलेक्ट्रिक होंगी, को ही एक प्रतिशत जीवनकाल कर का लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार, इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन शुल्क में शतप्रतिशत की छूट दी गई है। परन्तु यह भी सीमित संख्या में पांच वर्ष के अंदर क्रय करने पर प्रथम आयो प्रथम पाओ के आधार पर मिलेगी। इस प्रावधान के तहत पांच वर्षों के अंदर 250 वाट के 22 हजार 500 दो पहिया वाहनों, 7 हजार 500 शेयर्ड ई-रिक्शा, 7 हजार 500 ऑटो रिक्शा, 3 हजार तीन पहिया माल वाहन, 9 हजार कारों तथा 2 हजार 250 बसों जोकि इलेक्ट्रिक होंगी, को ही रजिस्ट्रोशन में शत-प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के अर्बन डिपार्टमेंट ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाई है और उसी के प्रस्ताव पर यह छूट दी गई है। सीमित संख्या भी अर्बन डिपार्टमेंट ने बताई है। हमने सिर्फ प्रस्ताव के तहत छूट जारी की है। यदि इलेक्ट्रिक वाहन निर्धारित सीमित संख्या से अधिक क्रय होते हैं तब राज्य सरकार ही इन्हें वैसी छूट देने का फिर निर्णय ले सकती है।


- डॉ. नवीन जोशी

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