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संगठित गिरोह की करतूत: भोपाल में चेक धोखाधड़ी की तीन घटनाएं, पुलिस अलर्ट पर

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📍 भोपाल
संगठित गिरोह की करतूत: भोपाल में चेक धोखाधड़ी की तीन घटनाएं, पुलिस अलर्ट पर
जाली चेक बुक, मोबाइल नंबर ब्लॉकिंग और ड्रॉप बॉक्स से चोरी से उड़ाए लाखों

19 जून 2025। भोपाल में हाल के दिनों में चेक धोखाधड़ी की तीन बड़ी घटनाओं ने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम को चौंका दिया है। पुलिस को संदेह है कि इन घटनाओं के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है, जो हाई-टेक तरीकों से लोगों के खातों से पैसे निकाल रहा है।

पहला मामला: व्यापारी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर 3.81 लाख की ठगी
गौतम नगर निवासी व्यापारी कुलदीप परलानी के बैंक खाते से धोखेबाजों ने जाली चेक बुक जारी कर 3.81 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए और सोने के सिक्के खरीद लिए। चौंकाने वाली बात यह रही कि जालसाजों ने पहले बैंक में जाकर कुलदीप का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर ब्लॉक करवा दिया, जिससे उन्हें किसी भी लेन-देन का अलर्ट नहीं मिला। जब धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तुरंत गौतम नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

दूसरा मामला: अकेले रह रहे बुजुर्ग से 41.36 लाख की ठगी
दाता कॉलोनी में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक कमलाकर खादीकर से भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई। आरोप है कि उनके पड़ोसी अंशुल आयलानी और उसकी बहन ने उनके फर्जी हस्ताक्षर से चेक बुक जारी करवाई और फिर उसका उपयोग कर 41.36 लाख रुपये हड़प लिए। अंशुल ने आरटीजीएस से ज्वैलर्स को भुगतान कर सोने के सिक्के खरीदे और उन्हें ओला-उबर बाइक्स के जरिए मंगवाया। पुलिस ने शुक्रवार को अंशुल को गिरफ्तार कर लिया।

तीसरा मामला: ड्रॉप बॉक्स से चेक चोरी कर निकाले 1 लाख रुपये
न्यू मिनाल रेसीडेंसी के दवा कारोबारी अलिंद खरे ने अपने सहयोगी राकेश गुर्जर को भुगतान के लिए एक लाख रुपये का अकाउंट पेयी चेक दिया था, जिसे गुर्जर ने आईसीआईसीआई बैंक के ड्रॉप बॉक्स में जमा किया। 9 जून को किसी अज्ञात व्यक्ति ने यह चेक बॉक्स से चुरा लिया और इंडियन ओवरसीज बैंक में जाकर फर्जी तरीके से पैसे निकाल लिए। जब कुछ दिन बाद भी राकेश के खाते में पैसे नहीं पहुंचे, तब मामले का खुलासा हुआ। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है।

पुलिस का संदेह और जांच जारी
गौतम नगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार, इन सभी मामलों में समान मॉड्यूल और तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे संदेह मजबूत हुआ है कि यह किसी एक गिरोह की संगठित साजिश है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों की पहचान में जुटी है।

सावधानी ही बचाव
इन घटनाओं के बाद बैंक खाताधारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मोबाइल नंबर अपडेट, SMS अलर्ट सक्रिय रखना और चेक संबंधित लेनदेन पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है।
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