सात नये मेडिकल कालेजों में और बनी आर्गन डोनेशन आथोराईजेशन समितियां

Location: Bhopal                                                 👤Posted By: DD                                                                         Views: 338

Bhopal: भोपाल 3 सितंबर 2021। राज्य सरकार ने सात नये सरकारी मेडिकल कालेजों में और आर्गन डोनेशन आथोराईजेशन समितियां गठित कर दी हैं। ये समितियां ही दान में मिले मानव अंगों के प्रतिरोपण की अनुमति प्रदान करती है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उज्जैन संभाग स्तरीय प्राधिकारी समिति का अध्यक्ष शासकीय मेडिकल कालेज रतलाम के डीन, शहडोल संभाग स्तरीय समिति का अध्यक्ष शासकीय मेडिकल कालेज शहडोल के डीन, दतिया जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष शा. मेडिकल कालेज दतिया के डीन, छिन्दवाड़ा जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष शा. मेडिकल कालेज छिन्दवाड़ा के डीन, शिवपुरी जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष शा. मेडिकल कालेज शिवपुरी के डीन, खण्डवा जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष शा. चिकित्सा महाविद्यालय खण्डवा के डीन तथा विदिशा जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष शा. मेडिकल कालेज विदिशा के डीन को बनाया गया है।
उक्त समितियों में संबंधित मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के प्रमुख को सदस्य सचिव एवं शल्य क्रिया विभाग के प्रमुख को सदस्य बनाया गया है। इसमें आयुक्त चिकित्सा शिक्षा द्वारा नामांकित प्रत्यारोपण से संबंधित दो स्वशासी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं जिले के सीएमएचओ भी सदस्य बनाये गये हैं।
यह काम करेगी समिति :
उक्त समितियां दान में मिलने वाले मानव अंग के प्रत्यारोपण के लिये अनुमति प्रदान करेगी। वह इस बात का परीक्षण करेगी कि प्रत्यारोपण के लिये मानव अंग किसी रिश्तेदार यानि मां-बाप, बहन-भाई ने ही दिया है। वह यह बात भी देखेगी कि मानव अंग प्रत्यारोपण के लिये धन लेकर अंग तो नहीं लिया गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने 27 साल पहले मानव अंग प्रतिरोपण अधिनियम 1994 बनाया हुआ है तथा इसके वर्ष 2014 में नये नियम बनाये गये तथा इन्हीं नियमों के अनुसार, ये समितियां बनाना होती हैं। राज्य सरकार पहले छह सरकारी मेडिकल कालेजों में यह समितियां बना चुका है और अब सात नये मेडिकल कालेजों में और इन समितियों का गठन कर दिया गया है जिससे उक्त क्षेत्र के लोगों को मानव अंग प्रत्यारोपण की अनुमति प्राप्त करने के लिये दूरदराज नहीं भटकना पड़े।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि छह समितियां पहले बना दी गई थीं तथा अब सात और नई समितियां बना दी गई हैं। ये समितियां सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले मामलों में ही प्रत्यारोपण की अनुमति देती है, गैर ब्लड रिलेशन वाले मामलों में आवेदक को कोर्ट से अनुमति लेने के लिये कहा जाता है।



- डॉ. नवीन जोशी

Related News

Latest Tweets

Latest Posts