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2.5 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों को योगी सरकार का तोहफा, ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़कर हुई 25 लाख

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📍 लखनऊ
2.5 लाख शिक्षकों-कर्मचारियों को योगी सरकार का तोहफा, ग्रेच्युटी सीमा 20 लाख से बढ़कर हुई 25 लाख
19 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। इस फैसले से लगभग ढाई लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधे तौर पर वित्तीय लाभ मिलेगा।

इस संबंध में 16 मार्च को एक शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। यह निर्णय वेतन समिति 2016 की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। लंबे समय से कर्मचारी संगठन ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है।

ग्रेच्युटी में 5 लाख रुपये की बढ़ोतरी
जारी शासनादेश के अनुसार, ग्रेच्युटी की राशि में कुल 5 लाख रुपये की वृद्धि की गई है। नए नियम के तहत, जब महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, तो मृत्यु और सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा स्वतः 25 लाख रुपये हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को उनकी लंबी सेवा के बाद बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

यह बदलाव उत्तर प्रदेश सिविल सर्विस (पेंशन) नियमावली के नियमों में संशोधन करके लागू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने और उनकी वित्तीय चिंताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कर्मचारियों में खुशी की लहर
सरकार के इस फैसले को एडेड स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा। यह निर्णय कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

कई शिक्षक संघों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग का सम्मान है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को वित्तीय असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। योगी सरकार इस कदम को शिक्षा क्षेत्र में सुधार और कर्मचारियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तौर पर प्रस्तुत कर रही है।
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