64 हजार लोगों ने किया 65 हजार करोड़ के कालेधन का खुलासा

Location: नई दिल्ली                                                 👤Posted By: वेब डेस्क                                                                         Views: 17079

नई दिल्ली: 1 अक्टूबर 2016, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बताया कि घरेलू आय घोषणा योजना (इनकम डेक्लेरेशन स्कीम) आईडीएस के तहत देश के 64,275 लोगों ने कुल 65,250 करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा किया है. इन 4 महीनों के दौरान 65,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बेनामी संपत्ति का खुलासा आईडीएस के जरिए हुआ है. हालांकि उन्होंनें ये भी कहा कि इस संपत्ति में आगे जाकर और इजाफा हो सकता है.



आपको बता दें कि देश में छुपे काले धन को सिस्टम में वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने 4 महीने पहले 1 जून 2016 को आईडीएस 2016 यानी घरेलू आय घोषणा योजना इनकम डेक्लेरेशन स्कीम का ऐलान किया था जिसमें अपने काले धन का खुलासा तय समय के भीतर करने पर ब्लैक मनी रखने वालों को सिर्फ टैक्स और पेनल्टी देकर काला धन को सार्वजनिक करना था और इसके बाद उनपर कानूनी कार्रवाई से उन्हें राहत मिल जाएगी. इसके लिए सरकार ने समय समय पर भरसक कोशिशें की जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपने काले धन का खुलासा कर सकें. यहां तक कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड-सीबीडीटी ने प्रधान आयकर आयुक्तों को 30 सितंबर को मध्यरात्रि तक काउंटर खोलने के निर्देश दिए थे ताकि घरेलू आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत लोगों को अपने बेहिसाबी धन की घोषणा करने में सुविधा हो.



केंद्र सरकार ने कालेधन खुलासे को लेकर एक जून 2016 से लेकर 30 सितंबर 2016 तक के लिए स्कीम चलायी थी. इस स्कीम के तहत 45 फीसदी टैक्स और पेनल्टी के बाद ब्लैकमनी को व्हाइट किया जा सकता था. सरकार ने कालेधन की खुलासा करने वालों के लिए घोषित ब्लैकमनी पर, पेनाल्टी, सरचार्ज टैक्स की 25 प्रतिशत राशि 30 नवंबर 2016 तक जमा कराने की छूट दी है. इसी तरह दूसरी किस्त की 25 फीसदी राशि 31 मार्च 2017 तक दी जा सकेगी. तीसरी किस्त के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर 2017 रखी गई है.



आपको बता दें कि घोषणा के आखिरी दिन कैबिनेट सचिवालय के नॉर्थ ब्लॉक स्थित सीबीडीटी के ऑफिस में देर रात तक काम चलता रहा. जिन लोगों ने अपने काले धन की घोषणा की है, उन्होंने 45 फीसदी टैक्स दिया है और इसके बाद उन्हें कानून के शिकंजे से छुटकारा मिल जाएगा.



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ कर दिया था कि 30 सितंबर के बाद से काला धन रखने वालों को कड़ी कार्रवाई और जेल जाने जैसे अंजामों को भुगतने के लिए तैयार रहना होगा. इस योजना में सरकार को उम्मीद थी कि छुपा हुआ काला धन सामने आएगा और उम्मीद से कम ही सही लेकिन काले धन का खुलासा हुआ है.



केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये ऐलान किया कि सरकार को इस रकम में से जुर्माने और टैक्स के रूप में 30,000 करोड़ रुपये से थोड़ी कम की आय होगी. टैक्स अधिकारी फिलहाल सभी ब्यौरों का सारिणीकरण कर रहे हैं और इसके बाद इन आंकड़ों में अभी और बढ़त होगी



वित्तमंत्री ने कहा, "कह सकते हैं कि औसतन हर व्यक्ति ने 1 करोड़ रुपये का खुलासा किया. हालांकि कुछ का ज्यादा है तो कुछ का कम है." लेकिन जिन लोगों ने यह खुलासा किया है, उनके नामों का खुलासा करने से उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, "हम कर घोषणा करनेवालों के बारे में कोई जानकारी नहीं देंगे."

Related News

Latest Tweets