🔴 TRENDING NOW!
सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के कार्यकाल को किया याद, वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश आद्य शंकराचार्य की दक्षिण पीठ श्रृंगेरी में पहुँची भारत स्वस्तिक यात्रा इस दिवाली, कैडबरी सेलिब्रेशंस के साथ हर नोक-झोंक में छिपी मिठास का जश्न मनाएं W.i.S.H. ने 'कसूर' और 'दूरी' के साथ शुरू किया एक नया अध्याय नवरात्रि 2026: प्याज और लहसुन क्यों नहीं खाते भक्त? जानिए धार्मिक मान्यताएं और खान-पान से जुड़े कारण AI से दवा खोजने की दिशा में भारत की बड़ी पहल, पेप्ट्रिस को ₹86 करोड़ की वित्तीय सहायता आदि शंकराचार्य की जन्मभूमि कालड़ी में मोरारी बापू की रामकथा ताज लेकफ्रंट में सतपुड़ा के पारंपरिक व्यंजनों का सात दिवसीय फूड फेस्टिवल संपन्न मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र, स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना से मिला 10 हितग्राहियों को मालिकाना हक AI से आगे सुपरइंटेलिजेंस की दुनिया: क्या .si डोमेन बन सकता है डिजिटल पहचान का नया विकल्प?

MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक

👤
Digital Desk
👁 823 व्यूज
📍 भोपाल
MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक

22 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नई और सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों के तहत पुलिसकर्मियों के यूनिफॉर्म में रील्स, शॉर्ट्स या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक लगाई गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

DGP कैलाश मकवाना की ओर से जारी निर्देशों में पुलिस यूनिफॉर्म की गरिमा, विभागीय गोपनीयता और साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया गतिविधियों के लिए कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।

यूनिफॉर्म में रील्स और वीडियो बनाने पर रोक
नई गाइडलाइंस के अनुसार पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी पर हों या ड्यूटी से बाहर, पुलिस यूनिफॉर्म या अनुचित पोशाक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें, वीडियो या रील्स अपलोड नहीं कर सकेंगे।

PHQ ने स्पष्ट किया है कि पुलिस यूनिफॉर्म का इस्तेमाल व्यक्तिगत ब्रांडिंग, सोशल मीडिया लोकप्रियता या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

गोपनीय सरकारी जानकारी सोशल मीडिया या AI प्लेटफॉर्म पर डालने पर रोक
पुलिसकर्मियों को सरकारी गोपनीय दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट, स्कैन कॉपी या अन्य संवेदनशील आधिकारिक जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने से भी प्रतिबंधित किया गया है।

इसके अलावा संवेदनशील या गोपनीय आधिकारिक जानकारी को अपलोड अथवा प्रोसेस करने के लिए ChatGPT, Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।

संवेदनशील ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर अपनी लोकेशन, कार्यस्थल या जियो-टैग जैसी जानकारी साझा नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

सोशल मीडिया से होने वाली कमाई की जानकारी देनी होगी
नई गाइडलाइंस में सोशल मीडिया से होने वाली कमाई को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। पेड प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप या सोशल मीडिया मॉनेटाइजेशन के जरिए आय अर्जित करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सरकार से अनुमति लेनी होगी।

जिन पुलिसकर्मियों ने पहले सोशल मीडिया गतिविधियों से कमाई की है, उन्हें अपनी आय की जानकारी 30 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पीड़ित, गवाह और आरोपियों की पहचान उजागर करने पर रोक
PHQ के निर्देशों में पुलिस जांच और सार्वजनिक कार्रवाई से जुड़े फोटो और वीडियो को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

पुलिसकर्मी जांच या कार्रवाई के दौरान पीड़ितों, गवाहों, आरोपियों और नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं कर सकेंगे। किसी मामले से जुड़ी तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेना जरूरी होगा।

साथ ही, प्रकाशित किए जाने वाले विजुअल्स में पीड़ितों, गवाहों और आरोपियों के चेहरों को ब्लर करने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी पुलिस इकाइयों को पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
DGP कैलाश मकवाना ने मध्य प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को इन गाइडलाइंस की जानकारी प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी तक पहुंचाने तथा इनके पालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

PHQ ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Tags :