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कश्मीरी बुनकर लाए 90 ग्राम की सिल्क साड़ी

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📍 Bhopal
कश्मीरी बुनकर लाए 90 ग्राम की सिल्क साड़ी
भोपाल 26 अप्रेैल 2017। ग्रामीण हस्तकला विकास समिती द्वारा आयोजित 9 दिवसीय सिल्क एंड कॉटन फेब ऑफ इंडिया का कम्यूनिटी हॉल, रविशंकर नगर, बिट्टन मार्केट, में चल रही है। प्रदर्शनी में आए बुनकरों ने सिल्क पर जहां समुद्र की लहरों को धागों से उकेरा है वहीं कुशल चितेरे की तरह उल्लास और आनंद के दृश्यों को भी छापा है। प्रदर्शनी में कश्मीर के बुनकर सिल्क की 90 ग्राम की साडी लेकर आए हैं।



उपरोक्त जानकारी ग्रामीण हस्तकला विकास समिती के सचिव श्री जयेश गुप्ता ने दी। उन्होने बताया कि देश भर के सिल्क कारीगरों के उत्पादों के प्रदर्शन के लिए सिल्क एंड कॉटन फेब ऑफ इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। 9 दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में देश भर के सिल्क कारीगर अपने बेहतरीन उत्पादों के साथ आए हैं। सिल्क एंड कॉटन फेब ऑफ इंडिया प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल के बुनकर आनंद अपने साथ कांजीवरम की परंपरागत साडियां लाए हैं इस पर ब्रोकेट का सुंदर काम है। कलकत्ता के समीर षाह मर्सलीन नेट , काथा वर्क , की साडियां लाए हैं। कश्मीर से आए शाहीद कश्मीरी महीन सिल्क से तैयार सबसे हलकी साडी लाए हैं जिसका वजन मात्र 90 ग्राम है। इस साडी को महीन धागों से तैयार किया जाता है। इसके साथ ही प्रदर्शनी में परशियन लेैंग्वेज की 400 साल पुरानी डिजायनिंग की किताब को पढकर बनाई गई पश्मीना शॉल भी नुमायां है। ईरान के उस्तादों द्वारा लिखी गई इन किताबों में लिखी परशियन कोडिंग को पढकर ही ही घाटी में प्श्मीना शॉलें बनती हैं।



इसके साथ ही प्रदर्शनी में मैसूर सिल्क साड़ियाँ, क्रेप और जार्जेट सिल्क साड़ियाँ, शिफॉन सिल्क साड़ियाँ, टसर सिल्क साड़ियाँ और सूट, कांचीपुरम सिल्क साड़ियाँ और शादी की साड़ियाँ, डिजाइनर फैन्सी साड़ियाँ, धर्मावरम सिल्क साड़ियाँ, रॉ सिल्क और तसर, जूट सिल्क साड़ियाँ, ढाका सिल्क साड़ियाँ, हैंडलूम सिल्क कॉटन साड़ियाँ, सिल्क ब्लेंड साड़ियाँ और दुपट्टे, सिल्क शॉलें, सिल्क ब्लेंड्स कपड़े/फर्निशिंग, उप्पडा, गढ़वाल सिल्क साड़ियाँ, हैंड ब्लॉक प्रिंट साड़ियाँ, सूट और सिल्क बेड कवर, डिजाइनर वेयर और बार्डर लेजेस, कुर्तियां, हाथ से बुने मटका और असम मूंगा कपड़े, अपूर्व सिल्क साड़ियाँ, बालूचरी साड़ियाँ, कढ़ाईदार डिजाइनर सिल्क साड़ियाँ और ड्रेस मैटेरियल, भागलपुरी सूट, प्रिंटेड सिल्क साड़ियाँ, रेशमी प्लेन और बूटी साड़ियाँ, कर्नाटक सिल्क साड़ियाँ, महेश्वरी, चंदेरी सिल्क साड़ियाँ और सूट और कोटा सिल्क, मलबरी सिल्क टेम्पल बार्डर के साथ, बनारस जामदानी, हाथ से बुनी साड़ियाँ प्रदर्शित की जा रही है।



इस प्रदर्शनी को देखने के लिए बडी संख्या में लोग आ रहे है। प्रदर्शनी 30 अप्रेल तक चलेगी। कलाप्रेमी दोपहर 11 बजे से रात 8 बजे तक प्रदर्शनी देखने के लिए आमंत्रित हैं।
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