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कश्मीरी केशर से सजी लद्दाख सिल्क की साडीयां

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📍 Bhopal
कश्मीरी केशर से सजी लद्दाख सिल्क की साडीयां
8 नवंबर 2017। पारंपरिक हस्तकला पर केंद्रित सात दिवसीय सिल्क इंडिया प्रदर्शनी का शुभारंभ पारंपरिक हस्तकला पर केंद्र्रित पांच दिवसीय सिल्क एक्सपों का शुभारंभ हुआ। इस एक्सपो में देश भर से आए सिल्क बुनकरों ने अपने अपने प्रदेश संस्कृति, काव्य और त्यौहारों कोे सिल्क पर छापा है। एक्जीबीशन में लद्दाख सिल्क, तमिलनाडू का कांजीवरम सिल्क, उपाडा सिल्क इकत सिल्क पर की गई कलाकारी लोगों को अपनी ओर खींच रही है।



उपरोक्त जानकारी हस्तशिल्पी के प्रबंध संचालक टी अभिनंद ने दी। उन्होने बताया कि प्रदर्शनी का आयेाजन बिट्टन मार्केट रविशंकर शुक्ल नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में पश्चिम बंगाल के काला हस्ती से आए बुनकर ने भगवान कृष्ण के नौका विहार का दृश्य सिल्क पर पेंट किया है। इस दृश्य में उनके साथ राधा भी है और जंगल के सभी दृश्य भी। तमिलनाडू से आए के राहूल अपने साथ 3 ग्राम सोने की जरी से तैयार साडी लेकर आए है। इस ट्रेडिशनल कांजीवरम साडी को बनाने में 3 माह का समय लगा है। आंध्रा के पंचमपल्ली से आए आर दत्ता ने सिल्क पर ग्रामीणों के जनजीवन को उकेरा है। गांवो के मेले, खेतों में जाती बैलगाडियों के दृश्य और आदिवासी जनजीवन की झलक सिल्क को खास बना रही है। इसी तरह कश्मीर से आए आसिफ अपने साथ लद्दाख सिल्क से बनी साडीया लाए है। इन साडियों को लद्दाख के त्रिपुडा में भेडों के बाल को सूतकर बनाया जाता है। और फिर इन पर पेटिंग की जाती है। इस साडियों पर बनी डिजायनों में कश्मीरी केशर की डिजायन के साथ ही कश्मीरी कहावा भी है।



इसके साथ ही प्रदर्शनी में छत्तीसगढ से कोसा सिल्क, घिचा सिल्क साडी, मलबरी रॉ सिल्क, ब्लॉक प्रिन्टेड सिल्क साडी, गुजरात से बान्धनी, पाटोला कच्छ एम्ब्रोयडरी, गुजराती मिरर वर्क एवं डिजायनर कुर्ती, जम्मू व कश्मीर से तबी सिल्क साडी ,पश्मिना

शॉल, चिनान सिल्क साडी, मध्यप्रदेश से चंदेरी, माहेश्वरी कॉटन एण्ड सिल्क साडी सुट, उडीसा से बोमकाई, संभलपुर राजस्थान से बंधेज, बांधनी सिल्क साडी, जयपुर कुर्ती, ब्लॉक प्रिन्ट, सांगानेरी प्रिन्ट, कोटा डोरिया उत्तर प्रदेश से तंचोई बनारसी, जामदानी, जामाबार, ब्रोकेट ड्रेस मटेरियल लखनवी चिकन, पश्चिम बंगाल से शांति निकेतन, काथां साडी डिजाइनर साडी, बालुचरी, नीमजरी साडी, धाकई जामदानी एवं महाराष्ट्र की लोकप्रिय जरी पैठणी साडियॉ प्रस्तुत की गई है।



उन्होने बताया कि प्रदर्शनी 14 नंवबर तक चलेगी। इसमें प्रवेश पुरी तरह निशुल्क है। कला प्रेमी सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक प्रदर्शनी देखने के लिए आमंत्रित है।





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