🔴 TRENDING NOW!
ऑथेंटिक, रस्टिक और रॉ एक्सपीरियंस के लिए मध्यप्रदेश आए- सचिव डॉ. इलैयाराजा टी मुख्य सचिव बर्णवाल ने पांचवी राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में दिए निर्देश भीम ऐप की ‘मीठी दिवाली 2026’ पहल, हर 7वें ट्रांजैक्शन पर बच्चों की शिक्षा में मिलेगी मदद पेट्रोकेमिकल्स, फर्टिलाइजर्स और दवा निर्माण में मप्र में अनेक अवसर, निवेशकों को सुविधा, साथ और सहयोग भी देगी हमारी सरकार - मुख्यमंत्री डॉ. यादव OpenAI के AI एजेंटों की करतूत! सुरक्षा अलर्ट बंद किए, मॉनिटरिंग सिस्टम भी हटाया कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर लगायें सख्ती से अंकुश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जन विश्वास अभियान के दौरान सभी अधिकारी फील्ड में रहकर जन समस्याओं का करें निराकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 100 मिनट में 100% सब्सक्राइब, देश के सबसे बड़े जियो IPO की धमाकेदार ओपनिंग “हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है”: अक्षय कुमार भारत स्वस्तिक यात्रा की जम्मू स्थित रघुनाथ मंदिर में राम कथा में भगवान श्रीराम की विरासत और जम्मू-कश्मीर की आध्यात्मिक एकात्मता पर प्रकाश

इंदौर में बिक सकती है सहारा की 500 करोड़ की संपत्ति

👤
Admin
👁 17963 व्यूज
📍 1
इंदौर में बिक सकती है सहारा की 500 करोड़ की संपत्ति
सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रतो राय इन दिनों पैरोल पर हैं। उन्हें जमानत पर बाहर रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पांच हजार करोड़ रुपए नकद और पांच हजार करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा करवाना है। साथ ही सेबी के आदेश के तहत निवेशकों को 36 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा लौटाने हैं। इस राशि का इंतजाम करने के लिए सहारा ग्रुप सभी शहरों में फैली अपनी संपत्तियों के मूल्यांकन में लगा है।ग्रुप के इंदौर प्रतिनिधि ने हाल ही में प्रशासन को पत्र लिखकर ग्रुप की इंदौर बायपास पर बिचौली मर्दाना में 33 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन और उस पर स्थित सभी अचल संपत्तियों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट देने का आग्रह किया है। यह जमीन सहारा इंडिया कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और मेसर्स सहारा इंडिया टाउन डेवलपर्स प्रालि और अन्य के नाम पर दर्ज है। माना जा रहा है कि ग्रुप इस मूल्यांकन रिपोर्ट को बैंक गारंटी के तौर पर कोर्ट में देगा या इस संपत्ति को बेचेगा। प्रशासन ने इस जमीन की गाइडलाइन कीमत निकाली है, जो 15 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर है। इस हिसाब से एक हेक्टेयर जमीन 15 करोड़ और 33 हेक्टेयर जमीन 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की होती है। यह तो केवल जमीन की कीमत है। वहां सड़क, मकान व अन्य निर्माण भी हो चुके हैं। ग्रुप इनका भी मूल्यांकन करवा रहा है। प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी व अन्य संस्थाओं को पत्र लिख मूल्यांकन के लिए कहा है।
Tags :