🔴 TRENDING NOW!
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में हुए शामिल उज्जैन के गौरव की “गिर गाय राधा” ने बनाया रिकार्ड, प्रतिदिन 19 लीटर से अधिक दूध देकर प्रदेश में हासिल किया सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का स्थान प्रदेश में 63 हजार 296 करोड़ रूपये की लागत से बनेंगे 5 ग्रीन फील्ड कारीडोर स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आंकड़ा पार किया, 193 शहरों तक पहुँच का विस्तार किया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निभाया वादा, हनुमान अंश फिल्म के बुंदेली गायक सुनील लोधी के आंखों का उपचार शुरू सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने लिए अहम फैसले, डेवलपमेंट-इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्वीकार किए 23 हजार 300 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए उप पुलिस अधीक्षकों को दिए कर्तव्य मंत्र, कहा- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम करें सॉल्व सीएम डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- किसी की सगी नहीं हो सकती कांग्रेस AI की कमाई पर उठे सवाल, टेक शेयरों में 2 ट्रिलियन डॉलर की भारी गिरावट भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं, आयु सीमा पार कर रहे अभ्यर्थी

द. चीन सागर विवाद में न पड़े भारत : चीन

👤
Admin
👁 18067 व्यूज
📍 1
द. चीन सागर विवाद में न पड़े भारत : चीन
चीन के आधिकारिक मीडिया ने कहा है कि विदेशमंत्री वांग यी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान दक्षिण चीन सागर विवाद में भारत को अनावश्यक रूप से नहीं पड़ना चाहिए.

ताकि यह द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करने वाला एक और कारक नहीं बने.

ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में कहा, भारत अगर आर्थिक सहयोग के लिए अच्छा माहौल बनाना चाहता है तो उसे वांग की यात्रा के दौरान दक्षिणी चीन सागर की बहस में अनावाश्यक रूप से पड़ने से परहेज करना चाहिए.

चीन ने एयर हैंगर बनाए : चीन ने दक्षिण चीन सागर के विवादित स्पार्टले द्वीप समूह पर लड़ाकू विमानों के लिए बड़ी संख्या में एयर हैंगर बनाए हैं जिससे उस क्षेत्र में उसकी सैनिक तैयारियों का पता चलता है.जापान ने मंगलवार को पूर्वी चीन सागर के विवादित द्वीपों को लेकर बिगड़ती स्थिति पर मंगलवार को चीन को खुली चेतावनी दी और उधर चीन के जापान स्थित राजदूत ने इन द्वीपों के क्षेत्र को अपने देश का हिस्सा बताकर विवाद को आपसी बातचीत से हल करने की अपील की.

जापान ने चीन को यह चेतावनी पूर्वी चीन सागर के उन द्वीपों के निकट जिन्हें वह अपना मानता है, चीन के तटरक्षक जहाजों के आने के कारण दी है.

जापान इस क्षेत्र के सेनकाकू द्वीप को अपना मानता है किन्तु चीन इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा बताता है

Tags :