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"डिजिटल इंडिया" में करें अपने प्रतिनिधि का डिजिटल मूल्यांकन

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📍 Bhopal
"डिजिटल इंडिया" में करें अपने प्रतिनिधि का डिजिटल मूल्यांकन
31 जनवरी 2018। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2 जुलाई 2015 को "डिजिटल इंडिया" प्रोजेक्ट -शुरू किया था। इस अभियान की शुरुआत के बाद देश के लोगों के जीवन में कई बदलाव आए। लोगों ने व्यवस्था का डिजिटलीकरण देखा और अपने जीवन में आधुनिकता को महसूस किया। इस नजरिए से कहा जा सकता है कि डिजिटल व्यवस्था से सरकार की नीतियों का क्रियान्वयन ही तेज नहीं हुआ, आम आदमी के जीवन स्तर तक उसे पहुँचाने में भी मदद मिलती है।



इसके अलावा डिजिटल व्यवस्था से मतदाताओं को अपने जनप्रतिनिधियों के कामकाज का आकलन करने में भी आसानी होती है। सोशल मीडिया के जरिए वे जान पाते हैं कि जिसे उन्होंने 4 साल पहले अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना था, उन्होंने जन भावनाओं का कितना सम्मान किया? क्योंकि, आज सोशल मीडिया ऐसा सशक्त माध्यम है जो विचारों से किसी का भी आकलन करने में समर्थ है। इसीलिए देश की राजनीति और राजनेताओं का जनता द्वारा आकलन करने के लिए एक डिजिटल मंच "ट्रूपल" शुरू किया जा रहा है। ये डिजिटल पर एक खुला प्लेटफार्म होगा जहाँ कोई भी किसी भी नेता या राजनीतिक पार्टी के बारे में अपने विचार प्रकट कर सकता है।



कहाँ से उपजा ये विचार?

आज सोशल मीडिया के इस युग में हर व्यक्ति अपना विचार प्रकट करने के लिए सक्षम है, जिसके हाथ में मोबाइल फोन है और वो सोशल मीडिया में अपनी दखल रखता है। अन्य मीडिया हमें जो खबर दे रहा है क्या वो "पेड़ न्यूज" है या वास्तविक? अब ये

सवाल प्रासंगिक नहीं रह गया, क्योंकि सोशल मीडिया सबकी खबर रखता है! यही स्थिति जनता की आवाज को लेकर भी है! आज चुनाव के बाद कौन है जो जनता से संवाद करने आता है? जो भी हो रहा है वो "एकालाप" है यानी नेता बोल रहा है और जनता उसे सुनने के लिए मजबूर है। ऐसी स्थिति से उबरने के लिए ऐसे सार्वजनिक डिजिटल मंच की जरुरत थी, जहाँ सभी की हिस्सेदारी हो और जन-ंप्रतिनिधियों के कामकाज और उनकी सक्रियता का भी मूल्यांकन हो सके! उनके द्वारा चुनाव में किए गए वादों और बाद में उस पर अमल का विश्लेषण हो सके! इसी विचार के साथ हमने ये मंच बनाया है जहाँ आकर लोग अपने नेता (जन प्रतिनिधि) के काम पर कमेंट करें और उसे रेटिंग दें।



"ट्रूपल" बनाने का उद्देशय

"ट्रूपल" शुरू करने का मकसद जनता की समस्या को उठाने उन्हें सुल-हजयाने के साथ रेटिंग के माध्यम से राजनेताओं को यह अहसास कराना भी है कि जनता उनके कामकाज पर नजर रखे है। जनता उनसे कितनी खुश और कितनी दुखी है! क्योंकि, नेता किसी भी

पार्टी, गुट, विचारधारा का हो! यदि वो जनता के हित के लिए काम करेगा तो जनता हमेशा उसका साथ देगी। इसके अलावा हर वो खबर जो लोग जानना चाहते हैं, पर वो किसी प्रभाव या राजनीतिक कारण से दब गई है उसे जनता के सामने लाना है।



"ट्रूपल" विश्व का पहला रेटिंग एंड एनालिटिक प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से आप बिना किसी रोकटोक एवं डर के अपने विचार व्यक्त कर जनप्रतिनिधि द्वारा किये गए कार्यों को "रेट" करने के साथ साथ उनसे जुडी सारी खबर भी जान सकते है, जनसामान्य के विचारो के साथ साथ जनप्रतिनिधियों के कार्य का विश्लेषण कर आम जनता तक पहुँचाना भी हमारा लक्ष्य है। हमारी मंशा बेहतर कल के लिए स्वच्छ राजनीति है ऐसा आयुष महेशवरी, प्रतिनिधि "ट्रूपल" ने कहा कैसे जुड़े "ट्रूपल" से आज लगभग हर 6 में से 1 व्यक्ति स्मार्टफोन का उपयोग कर रहा है। इसके साथ ही लोग सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते है। इसीलिए वेबसाइट, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम के जरिए आप "ट्रूपल" से या "ट्रूपल' आपसे जुड़ सकता है।
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