🔴 TRENDING NOW!
BRICS में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी, पुतिन बोले: स्वतंत्र रास्ता बना रहा आकर्षण AI से स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तक: शी जिनपिंग ने BRICS सहयोग बढ़ाने के लिए पेश कीं 5 बड़ी पहल सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दी सौगात, खातों में ट्रांसफर किए 1835 करोड़ सागर जहरीली शराब कांड: एक और आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर, हथियार-जिंदा कारतूस बरामद करीना कपूर की ‘दायरा’ और कुणाल खेमू की ‘वाइब’ को मिला A सर्टिफिकेट, 18 सितंबर को होगा बॉक्स ऑफिस मुकाबला स्टील स्लैग से बनेंगी मजबूत और सस्ती सड़कें, लागत में 40% तक कमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभिजीत दीपके को बालाघाट के पत्रकारों ने खदेड़ा, माफी मांग कर सवालों से भागे ब्लैक डॉग स्‍कॉच व्हिस्की अब नए पैक में, ‘सेवर द सिप’ के साथ पाएं नया प्रीमियम अनुभव एन्थ्रोपिक ने AI के गलत इस्तेमाल से जुड़े बायोलॉजिकल हथियार जोखिम के पांच मामले बताए

बायोपिक सूबेदार जोगिंदर सिंह की रिलीज़ के साथ ही हमारा अद्वितीय इतिहास स्क्रीन पर जीवित हो उठेगा

👤
Admin
👁 8099 व्यूज
📍 Bhopal
बायोपिक सूबेदार जोगिंदर सिंह की रिलीज़ के साथ ही हमारा अद्वितीय इतिहास स्क्रीन पर जीवित हो उठेगा
फ़िल्म के धमाकेदार ट्रेलर से दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं.

परमवीर चक्र विजेतासूबेदार जोगिंदरसिंह की बायोपिक 6 अप्रैल से देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये जानकारी फिल्‍म के डायरेक्‍टर समरजीत सिंह ने दी। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि भारत ? चीन युद्ध के दौरान 1962 में चीनी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने वालेबहादुर सिपाही की बायोपिक 'सूबेदारजोगिंदर सिंह' ने फिर से साबित कर दिया है कि यह फिल्म बेहतरतरी केसे और बढ़िया सिनेमा टिक्स के ज़रिये लोगों को उस समयके हालातों से अवगत कराती है। 21 वींसदी के आगमन के साथ, फिल्म मे किंग में जबरदस्त परिवर्तन आया है।आजकल युवाओं का रुझान काल्पनिक सिनेमा की तरफ अधिक है।



उन्‍होंने कहा कि आजकल युवाओं का रुझान काल्पनिक सिनेमा की तरफ अधिक है। हमारे देश में चारों तरफ समृद्ध संस्कृति, विरासत, ऐतिहासिक घटनाएं और किस्से हैं। उस नज़रिये से देखें तो हमारे पासदर्शकों को दिखाने और उन्हें देने के लिए बहुत कुछ है। फिल्म निर्माताओं को सिनेमा की शक्ति का उपयोग एक सकारात्मक संदेश देने, अच्छे विचार साझा करने और दर्शकों तक वास्तविक और प्रेरणादायक कहानियां पहुंचाने के लिए करना चाहिए। वो घटनाएं और गाथाएं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग अनजान हैं।



राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राशीद रंगरेज़ द्वारा लिखित, सिमरजीत सिंह द्वारा निर्देशित और सुमीत सिंह द्वारा तैयार की गई फिल्म 'सूबेदार जोगिंदर सिंह' में पहाड़ की दुर्गम चोटियों पर सूबेदार जोगिंदर सिंह के रूप में अभिनेता गिप्‍पी ग्रेवाल अपनी पलटन के साथ नजर आ रहे हैं। यह देश की पहली ऐसी जीवनी हैं जो किसी परमवीर चक्र विजेता पर बनी है और पंजाबी के अलावा तीन भाषाओं - हिंदी, तमिल और तेलगु में रिलीज़ होगी।अभी हाल ही में इसका टीजर सागाम्यूज़िक एवं युनिसीस इन्फोसोल्युशंस के साथ सैवन कलर्स मोशन पिक्चर्स ने जारी किया गया है, जिसे देश भर में जबरदस्‍त रिस्‍पांस मिला। फिल्‍म का दूसरा पोस्‍टर भी जारी कर दिया गया है।



इस बारे में सुमीत सिंह नेक‍हा कि वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक फिल्में बनाने का चलन है। इसके बीच लीक से हटकर एक फिल्म बनाई गई है - 'सूबेदार जोगिन्दर सिंह'। यह एक वीर सैनिक की जिंदगी और घटनाओं पर आधारित है, जो अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए जुनून और दृढ़ संकल्प से प्रेरित था। निर्माताओं ने आज फिल्म का ट्रेलर जारी किया। यह आश्चर्यजनक रूप से रोंगटे खड़े कर

देने वाला है। सूबेदार जोगिंदर सिंह सिखरे जिमेंट के असाधारण सैनिकों में से एक थे, जिन्हें भारत-चीनयुद्ध 1962 के दौरान राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए, असाधारण साहस और उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ? परमवीर चक्र से नवाज़ा गया।फिल्म का ट्रेलर आकर्षक है, जिसे किसी भी व्यक्ति को देखना चाहिए।



उन्‍होंने कहा कि हमने इस फिल्‍म में सैनिकों का जुनून और आक्रामकता, निजी रिश्ते और एक मातृभूमि के प्रति अपनेपन की भावना दिखाने का प्रयत्न किया है।यह उल्लेखनीय हैकि फिल्म 1960 के युग को फिर से दोहराने में सक्षम है।इसमें उस समय के गांव का माहौल, वेश भूषा और विशेष रूप से उस समय को दर्शाने के लिए बनाई गई विशाल ट्रेन इस बात के प्रमाण हैं। फ़िल्म को सबसे यथार्थ वादी और प्रामाणिक महसूस कराने के लिए बड़े पैमाने के सेट तैयार किये गए थे। भारत के सच्चे नागरिकों के रूप में हम सभी को हमारे देश के समृद्ध और ठोस इतिहास पर गर्व करना चाहिए। वास्तव में, आज ज़रूरत है कि इस तरह के शक्तिशाली विषयों को सिनेमा की व्यापक दुनिया

के ज़रिये उठाया जाये ।ताकि हमारे इतिहास के कई अनसुने और अनपढ़े अध्यायों को साझा किया जा सके और उन अज्ञातनायकों को श्रद्धांजलि दी जाए, जिन्होंने राष्ट्र के लिए कड़ी मेहनत और बलिदान बलिदान दिए थे। यह फिल्म हर भारतीय को एक बार अवश्य देखनी चाहिए। इतिहास में इस तरह के कई तथ्य हैं, जिन्हें खोजा जाना चाहिए। दर्शकों तक उन्‍हें पहुंचाया जाना चाहिए। इस तरह के विषय जानकारीपूर्ण और दिलचस्पहोते हैं।

Tags :