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ग्लूकोमा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम से जुड़ा भोपाल

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📍 भोपाल
ग्लूकोमा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम से जुड़ा भोपाल
16 मार्च, 2018। पूरे विश्व में ग्लूकोमा वीक (11 से 17 मार्च) मनाया जा रहा है और अब भोपाल भी इस अंतरराष्ट्रीय मुहिम का सक्रिय और प्रभावी हिस्सा बनने जा रहा है। सामाजिक संस्था भोपाल राउंड टेबल ने अंतरराष्ट्रीय थीम सेव योर साइट की तर्ज पर सेव योर साइट कैंपेन की शुरूआत की है। इस कैंपेन के तहत भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को निशुल्क जांच शिविर, कार्यशाला तथा सेमीनारों आदि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से ग्लूकोमा व आंखों से जुड़ी अन्य बीमारियों के प्रति जागरूक किया जायेगा। शहर के जाने माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एम.के. अजवानी तथा डॉ. अनुषा अजवानी ने इस कैंपेन से जुड़कर निशुल्क सेवाएं देने की सहमति दी है।

इस संबंध में भोपाल राउंड टेबल के सदस्य श्री अनिमेष जैन और गौरव ब्योहार ने आज आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सेव योर साइट कैंपेन की औपचारिक शुरूआत करने की घोषणा की।



पत्रकार वार्ता में मौजूद डॉ. अजवानी ने बताया कि ग्लूकोमा भारत में अंधेपन की तीसरी सबसे बड़ी वजह है, और देश में करीब 1.2 करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं। एक अनुमान के मुताबिक लगभग 1.5 लाख लोग इस वजह से अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि विजन लॉस या अंधेपन के बहुत से ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जिनमें समय पर इलाज की स्थिति में आंखों की रौशनी बचाई जा सकती थी। डॉ अजवानी ने आगाह करते हुए कहा कि अगर आपके परिवार में किसी को ग्लूकोमा रहा है तो आपको भी अपनी जांच जरूर करानी चाहिए।



श्री गौरव ब्योहार ने बताया कि नवजात बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है। सामान्यतौर पर 40 वर्ष से अधिक की उम्र में ग्लूकोमा के केस ज्यादा देखने में आते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहीं नई खोजों के चलते ग्लूकोमा का इलाज पहले से बेहतर हुआ है।



डॉ. अनुषा अजवानी ने कहा कि बचाव किसी भी बीमारी के इलाज से बेहतर विकल्प होता है अतएव अन्य नियमित जांचों की तरह ही लोगों को आंखों की नियमित जांच कराते रहना चाहिए।
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