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सिकल सेल पीड़ित बच्चों को खूब पिलायें पानी: डाॅ. आर के यादव

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📍 भोपाल
सिकल सेल पीड़ित बच्चों को खूब पिलायें पानी: डाॅ. आर के यादव
18 जून 2018। सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाना बहुत ही बुरे अनुभवों में से एक होता है। लेकिन उन्हें कभी भी अस्पताल पहुंचने में लापरवाही नहीं बरतना चाहिए क्योंकि ऐसा करना बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है। सिकल सेल की वजह से बच्चों के खून में मौजूद सेल क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जिससे शरीर के अंगों में आॅक्सीजन और न्यूट्रीएंट्स पहुंचाने का काम ठीक तरह से नहीं हो पाता। जब ब्लड सेल ज्यादा क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो वे पूरी तरह से काम करना बंद कर देते हैं और ब्लड सप्लाय में रूकावट डालते हैं जिससे पीड़ित बच्चे के शरीर में तेज दर्द आरभ हो जाता है।



उक्त बात शहर के जाने माने शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. आर.के. यादव ने विश्व सिकल सेल दिवस की पूर्व संध्या पर अभिभावकों के लिए आयोजित एक कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलाव, मलेरिया अथवा ऐनेमिया की स्थिति में इस संक्रमण के लक्षण उभर कर आते हैं। यदि पीड़ित बच्चे को पेन किलर व पानी पिलाने के दो घण्टों बाद भी आराम न मिले तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। पानी इस बीमारी से होने वाले दर्द से निजात दिलाने की सबसे कारगर दवा है।



डाॅ. यादव ने कहा कि तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, तेज सिरदर्द, एक या दोनों आंखों से धुंधला दिखना अथवा प्रायवेट पार्ट्स, खासकर लड़कों के, में दर्द होना आदि सिकल सेल की ओर इशारा करते हैं जिसकी तुरंत जांच कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल से पीड़ित महिलाओं से उनको होने वाले बच्चों में सिकल सेल होने की संभावना 50 फीसदी तक होती है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में से एक है जहां सिकल सेल पीड़ितों की संख्या ज्यादा है।



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