🔴 TRENDING NOW!
AI से आगे सुपरइंटेलिजेंस की दुनिया: क्या .si डोमेन बन सकता है डिजिटल पहचान का नया विकल्प? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया सख्त एक्शन, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग निलंबित AI एजेंट्स में भी जेंडर बायस: एक ही काम के लिए महिला एजेंट को पुरुष से 10.25% कम भुगतान मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं संस्थानों का सम्मान जमीन से आसमान तक जियो, 1,600 सैटेलाइट और 23 ग्राउंड स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी की नई छलांग भारत में AI रेगुलेशन की तैयारी: एक महीने में आएगा कंसल्टेशन पेपर, Deepfake और साइबर सुरक्षा पर फोकस भारत में Starlink की देरी पर मस्क का बड़ा आरोप, ‘ओलिगार्क्स’ पर लगाया रोकने का आरोप मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से प्रदेश के आतिथ्य और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक पहचान: मुख्य सचिव बर्णवाल पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ

सीआईआई-वायआई ने दिया 'गिफ्ट एन ऑर्गन' का संदेश

👤
Admin
👁 3002 व्यूज
📍 Bhopal
सीआईआई-वायआई ने दिया 'गिफ्ट एन ऑर्गन' का संदेश
बाइक राइडर्स ने रैली निकालकर की जागरुकता सप्ताह का शुरुआत

05 अगस्त 2018। ऑर्गन डोनेशन के प्रति लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से भोपाल में 'गिफ्ट एन ऑर्गन' मोटरसाइकिल रैली निकाली गई। सीआईआई-वाईआई के द्वारा रविवार को आयोजित हुई यह रैली डीबी मॉल स्मार्ट पार्किंग से शुरू होकर लालघाटी चौराहे पर समाप्त हुई। रैली में सैंकड़ों की संख्या में मोटरसाइकिल सवारों ने भाग लेकर लोगों को ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। रैली को ऑर्गन डोनेट करने वालों के परिजनों ने फ्लैग ऑफ कर शुरु किया। इसके बाद बाइक राइडर्स ऑर्गन डोनेशन के लिए प्रेरित करने मैसेजिंग बोर्ड्स के साथ निकल पड़े। रैली को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ भी सड़क के दोनों ओर मौजूद रही।



गिफ्ट एन ऑर्गन रैली के माध्यम से सीआईआई-वाईआई की ऑर्गन डोनेशन वर्टिकल के नेशनल हेड राकेश सुखरमानी ने बताया कि आम तौर पर लोगों में ऑर्गन डोनेशन को लेकर कई भ्रांतियां होती हैं। लेकिन यह इतना मुश्किल नहीं होता, जितना लगता है। उन्होंने बताया कि 8 तरह के ऑर्गन्स डोनेट किए जा सकते हैं। यानि एक व्यक्ति 8 लोगों की जान बचा सकता है। उन्होंने बताया कि शरीर के विभिन्न ऑर्गन्स जैसे कि हार्ट, लंग्स, किडनी, लीवर, आंखें, पैंक्रियाज़, इंटेस्टाइन और स्किन डोनेट की जा सकती है।



सीआईआई-वाईआई के चेयर भोपाल सौरभ शर्मा ने बताया कि एक हफ्ते तक भोपाल के विभिन्न कॉलेज और जिम्स में जाकर ऑर्गन डोनेशन के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाएंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पहले ऑर्गन डोनेशन ऐक्ट 1994 के नियमों के मुताबिक अंगदान सिर्फ उसी अस्पताल में ही किया जा सकता है, जहां उसे ट्रांसप्लांट करने की भी सुविधा हो। इस नियम से दूर-दराज के इलाकों के लोगों का अंगदान नहीं हो पाता था।



उन्होंने बताया कि 2011 में इस नियम में कुछ बदलाव किया। नए नियम के मुताबिक अब किसी भी आईसीयू में अंगदान कर सकते हैं। यानी उस अस्पताल में ट्रांसप्लांट न भी होता हो, लेकिन आईसीयू है, तो वहां भी अंगदान किया जा सकता है। इसीलिए बीते कुछ वर्षों में ऑर्गन डोनेशन के लिए लोगों में जागरूकता और बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का किया जाना वर्तमान समय में बेहद जरूरी है।



बाइक रैली को फ्लैग ऑफ करने वालों में ऑर्गन डोनेटर्स के परिजन शामिल रहे। इनमें ऑर्गन डोनेटर शशांक कोराने और अजय शिर्के के परिजनों ने फ्लैग ऑफ किया। इसके अलावा मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर शिव शेखर शुक्ला भी रैली को फ्लैग ऑफ करने पहंचे। उन्होंने सीआईआई-वायआई के इस इनीशिएटिव की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब मेडिकल टेक्नोलॉजी कई नए आयाम स्थापित कर चुकी है, तब लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उनकी एक पहल से किसी जरुरतमंद की जान बच सकती है। उन्होंने लोगों से ऑर्गन डोनेशन की इस श्रृंखला को सपोर्ट करने की अपील की।



यह आयोजन एक हफ्ते तक जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न कॉलेज और जिम्स में जाकर लोगों से ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरुकता फैलाने को लेकर बात की जाएगी। सीआईआई-वाईआई के को-चेयर भोपाल अपूर्व मालवीय और सीआईआई-वाईआई की ऑर्गन डोनेशन वर्टिकल के भोपाल हेड प्रखर जैन संचालन करेंगे।



Tags :