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दसवीं इंटरनेशनल ईको कोर्स एण्ड वर्कशाप में जुटे देश-विदेश के 100 से भी अधिक हृदय रोग विशेषज्ञ

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📍 Bhopal
दसवीं इंटरनेशनल ईको कोर्स एण्ड वर्कशाप में जुटे देश-विदेश के 100 से भी अधिक हृदय रोग विशेषज्ञ
10 सितंबर 2018। दसवीं इंटरनेशनल ईको कोर्स एण्ड वर्कशाप का आयोजन भोपाल के होटल कार्टयार्ड मैरिएट में किया गया। अमेरिका के बर्मिंघम से आए ख्यातिनाम हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन सी नंदा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस एक दिवसीय वर्कशाप में देश के विभिन्न शहरों से आए चिकित्सकों ने साइंटिफिक सेशन, पैनल डिस्कशन व लाइव डिमांस्ट्रेशन के जरिये अपने अनुभव साझा किए। वर्कशॉप में एम्स,दिल्ली की पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी की विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. अनिता सक्सेना, बैंगलूरू से डॉ. एस.सी. गोविन्द तथा गुरूग्राम के डॉ. विनायक अग्रवाल ने अपना उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला भी मौजूद रहे।





कार्यक्रम के अध्यक्ष फादर ऑफ ईको डॉ. नवीन सी. नंदा ने कहा कि समय के साथ ह्रदय रोगों के इलाज में नवीनतम प्रयोग किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते एक दशक में ही हम इस दिशा में इतना आगे बढ़ चुके हैं, कि विभिन्न ह्रदय रोगों की किसी भी अवस्था में उनका इलाज किए जाने की आधुनिक तकनीकें विकसित की जा चुकी हैं। अब हम इन्हें और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं।



कार्यक्रम में एम्स, दिल्ली की पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट एवं प्रोफेसर डॉ. अनीत सक्सेना ने फीटल ईको के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से बच्चों में जन्म से पहले ही ह्रदय रोगों से सम्बन्धित विभिन्न असमताओं को पहचाना जा सकता है एवं उनका इलाज भी शुरू किया जा सकता है।



कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि वास्तविकता में डॉक्टर्स और पुलिस का काम एक जैसा ही है, दोनों के कार्यक्षेत्रों में विश्वास का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास हमारे सेवाप्रदाताओं कें लिए एक चुनौती जैसा है, क्योंकि कई बार एक जरा सी चूक से भी आपकी पूरी मेहनत व्यर्थ हो जाती है और हमारे कार्यों को लेकर बना विश्वास भी टूट जाता है।



आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. पी.सी. मनोरिया ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कार्डियोवस्कुलर अल्ट्रासाउंड के साथ मिलकर आयोजित इस वर्कशाप में हृदय रोगों का पता लगाने की सबसे महत्वपूर्ण व आवश्यक जांच ईकोकार्डियोग्राफी या ईकोकार्डियोग्राम के बारे में नवीनतम जानकारी दी गई, साथ ही इस दौरान 50 मरीजों पर लाइव डिमांस्ट्रेशन भी दिया गया।



आयोजन समिति के सचिव व हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज मानोरिया ने बताया कि अत्याधुनिक मशीन से होने वाली इस अल्ट्रासाउंड जांच से किसी भी व्यक्ति के हार्ट वाल्व तथा चैम्बर की तस्वीरें लेकर हृदय की असामान्यताओं व इसमें होने वाले रोग की स्थिति का पता लगाया जाता है। यह जांच जितनी सटीक होती है उतने ही अच्छे उपचार के परिणाम देखने में आते हैं।

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