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किसानों के लिए अच्छी खबर : बेहतर खेती, बेहतर उपज- कृषि आधारित स्टार्ट-अप

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डिजिटल डेस्क
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📍 बैंकपुरा
किसानों के लिए अच्छी खबर : बेहतर खेती, बेहतर उपज- कृषि आधारित स्टार्ट-अप
ग्रामोफोन के फील्ड डे पे उमड़ी नयी तकनीक जानने के लिए किसानों की भीड़

8 दिसंबर, 2018। इंदौर में कृषि आधारित स्टार्टअप ग्रामोफोन की स्थापना आईआईटी और आईआईएम स्नातक, तौसीफ खान, निशांत महात्रे, हर्षित गुप्ता और आशीष राजन सिंह ने की थी। ग्रामोफोन ने 2016 में अपना कार्य करना शुरू किया और वर्तमान में मध्य प्रदेश में लगभग 1.5 लाख किसानों की मदद कर रहा है। इस स्टार्टअप का लक्ष्य किसानों को खेती की सही तकनीक प्रदान करना है जो उन्हें उच्च पैदावार देने का कार्य करती हैद्य बढ़ती तकनीकी प्रगति के साथ, इंटरनेट हर समस्या का समाधान बन गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन के उपयोग में वृद्धि के साथ, किसानों को सही जानकारी प्रदान करना अब आसान हो गया है और बहुत सारे किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है की किसान क्वालिटी बीज, दवाइयां, फसल पोषड, कृषि उपकरण वो भी एक्सपर्ट सलाह के साथ घर बैठे खरीद सकते हैं। ग्रामोफोन कंपनी यह सब सुविधाएं अपनी एंड्राइड ऐप व् टोल फ्री नंबर द्वारा किसानों को उपलब्ध कराती है। आज, उन्हें खेती से संबंधित सहायता के लिए किसानों से 2 लाख से अधिक कॉल प्राप्त होते हैं और 80,000 से अधिक एप्लिकेशन इंस्टॉल हैं जहां लोग अपनी समस्याओं को साझा करते हैं।



08 दिसंबर, 2018 को, ग्रामोफोन ने अपना फील्ड डे आयोजित किया जहां वर्तमान कृषि प्रथाओं की तुलना ग्रामोफोन कृषि एक्सपर्ट द्वारा बनाई गयी पद्यति से जा रही है। ग्रामोफोन के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को हर कदम पर निर्देशित किया और फसल चक्र में फसल की समीक्षा की और परिणाम काफी उत्साहजनक हैं। बैंकपुरा गांव (धामनोद) के एक किसान मयंक अग्रवाल ग्रामोफोन के बारे में कहते है की, मैं इस सीजन में ग्रामोफोन के विशेषज्ञों से मदद ले रहा हूं और अन्य क्षेत्रों की तुलना में, मेरी फसल स्वस्थ है और मुझे उम्मीद है कि इस बार 30-40 प्रतिशत ज्यादा उत्पादन होगा।



ग्रामोफोन के विशेषज्ञों का विचार किसानों के मुनाफे को अधिकतम करना है और उन्हें ये समझाने में मदद करना है कि प्रौद्योगिकी-संचालित दृष्टिकोण खेती करने का एक नया तरीका क्यों है ? ग्रामोफोन आम तौर पर किसानों को उनके टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से सहायता प्रदान करता है, जहां लोग मिस्ड कॉल देकर उनसे संपर्क कर सकते हैं। स्टार्टअप में टोल फ्री नंबर और विशिष्ट उत्पाद भी हैं जो कि किसानों को आने वाली सभी कृषि-संबंधी समस्याओं और चुनौतियों का समाधान प्रदान करते हैं। कृषि एक्सपर्ट्स से जुड़ने के लिए अब केवल 18003157566 पे मिस कॉल देना ही काफी है









ग्रामोफोन के बारे में :

ग्रामोफोन एक कृषि आधारित स्टार्टअप है जिसने 2016 में कार्य करना शुरू किया था। आईआईटी और आईआईएम स्नातक तौसीफ खान, निशांत महात्रे, हर्षित गुप्ता और आशीष राजन सिंह ने विभिन्न किसानों के जीवन में अपनी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। टीम का लक्ष्य आसान और अच्छी तरह से शोध की गई कृषि प्रथाओं को प्रदान करना है। 80,000 से अधिक इंस्टॉल के साथ ग्रामोफोन ऐप फसल से संबंधित जानकारी प्रदान करता है, जो केवल एक क्लिक के साथ समस्यायों (मंडी मूल्य, मौसम, कीट और रोग समाधान आदि) का समाधान करता है। इसमें एक विशेष सुविधा भी है जिसके माध्यम से किसान ऐप के अलावा, मिस्ड कॉल द्वारा टोल-फ्री नंबर (1800 315 7566) के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

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