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अब साहूकारी के लिए लायसेंस लेना अनिवार्य

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📍 bhopal
अब साहूकारी के लिए लायसेंस लेना अनिवार्य
राज्यपाल ने दे दी मंजूरी
आदिवासियों के ऋण भी माफ हुये
3 अक्टूबर 2020। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा उन दो महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दिये जाने से अब जहां प्रदेश में साहूकारी के लिये लायसेंस लेना अनिवार्य होगा वहीं आदिवासियों के 15 अगस्त 2020 तक के सभी ऋण माफ हो गये हैं।
ये दोनों विधेयक 21 सितम्बर को विधानसभा में पारित किये गये थे तथा इन पर रिकार्ड कम समय में राज्यपाल ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे दोनों ने कानूनी रुप ले लिया है।
साहूकारी के लिये अब ये प्रावधान :
मप्र साहूकार अधिनियम, 1934 में संशोधन करने अब साहूकारी के लिए स्थानीय निकायों से लायसेंस लेना अनिवार्य होगा। गैर लायसेंसी साहूकारों द्वारा दिये गये ऋण अब शून्य हो गये हैं। लायसेंसी साहूकारों द्वारा दिये जाने वाले कृषि ऋण पर ब्याज दर का निर्धारण अब राज्य सरकार करेगी।
नये प्रावधानों के अनुसार, गैर लायसेंसी साहूकारों द्वारा अब ऋणों की वसूली किसी भी न्यायालय के माध्यम से नहीं की जा सकेगी। यदि वे न्यायालय में वाद के दौरान लायसेंस ले लेते हैं, तो फिर वे ऋण की वसूली कर सकेंगे।
आदिवासियों के ऋण माफ करने के अब ये प्रावधान :
अनुसूचित क्षेत्रों में निवास कर रहे अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को 15 अगस्त 2020 तक दिया गया प्रत्येक ऋण, जिसमें ब्याज की रकम, यदि कोई हो, भी सम्मिलित है, अब पूर्णत: माफ हो गये हैं। ऋण की वसूली के समस्त वादों तथा कार्यवाहियों भी खत्म कर दी गई हैं। ऋणी द्वारा गिरवी रखी गई प्रत्येक सम्पत्ति ऋणी के पक्ष में निर्मुक्त हो जाएगी तथा लेनदार इस बात के लिए विवश रहेगा कि वह ऋणी को उसकी सम्पत्ति तत्काल वापस कर दे। साथ ही किसी ऋणी द्वारा किसी लेनदार के पक्ष में निष्पादित किए गए प्रत्येक बंधक का मोचन हो जाएगा तथा बंधक सम्पत्ति, ऐसे ऋणी के पक्ष में, निर्मुक्त कर दी जाएगी। कोई भी लेनदार किसी ऋणी को उसके द्वारा गिरवी या बंधक रखी गई उस सम्पत्ति का कब्जा वापिस करने या पुन: परिदत्त करने से इंकार नहीं कर सकेगा। जो इन इस नये कानून का उल्लंघन करेगा वह कारावास से जो तीन वर्ष तक हो सकेगा, या जुर्माने से, जो एक लाख रूपए तक का हो सकेगा, या दोनों से दंडित किया जाएगा। इस अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन के लिए जिलों में कलेक्टर अथवा उनके प्रतिनिधि, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी के हो, प्राधिकृत किए जा सकेंगे। किसी भी सिविल न्यायालय को ऐसे ऋण के संबंध में किसी भी प्रश्न को ग्रहण करने या विनिश्चित करने की अधिकारिता नहीं होगी।
जल्द ब्याज दरें जारी होंगी :
लायसेंसी साहूकारों द्वारा ली जाने वाली ब्याज की दरें राज्य सरकार शीघ्र जारी करेगी। इन दरों पर ही साहूकार ब्याज ले सकेंगे।



- डॉ. नवीन जोशी
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