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बराक-8 प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बधाई दी

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Digital Desk
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📍 भुवनेश्वर
बराक-8 प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बधाई दी
ओडिशा में एक अपतटीय परीक्षण केंद्र से मंगलवार को जमीन से आकाश में मार करने वाले बराक-8 प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया गया। भारत ने इजरायल के साथ मिलकर इस प्रक्षेपास्त्र का विकास किया है।



एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड से जमीन से हवा में मार करने वाले इस प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया गया। ओडिशा में बालासोर जिले के आईटीआर प्रक्षेपण परिसर-3 से करीब 10.15 बजे एक मोबाइल प्रक्षेपक से प्रक्षेपास्त्र को छोड़ा गया।



राष्ट्रपति ने 'बराक -8' के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ को बधाई दी



राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल- 'बराक -8' के सफल परीक्षण करने पर डीआरडीओ को बधाई दी है।



रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग में सचिव और डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ. एस क्रिस्टोफर को भेजे अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा, "मैं आपको और इजरायल के साथ संयुक्त रूप से विकसित जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल - 'बराक -8' के सफल परीक्षण से जुड़े आपके साथियों को हार्दिक बधाई देता हूं।



राष्ट्र को इस उपलब्धि पर गर्व है। मुझे विश्‍वास है कि इस सफलता से तकनीकी रूप से चुनौती वाले क्षेत्रों में देश की रक्षा क्षमताएं और बढ़ेंगी।



इस मिशन में शामिल टीम के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और अन्‍य सदस्यों को भी मेरी ओर से बधाई और शुभकामनाएं।"





90 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने की क्षमता

लंबी दूरी के सतह से हवा में मार करने वाले बराक-8 प्रक्षेपास्त्र के पास 70 से 90 किलोमीटर के दायरे में लक्ष्य भेदने की क्षमता है। किसी भी तरह के आसमानी खतरे से रक्षा के लिए इस प्रक्षेपास्त्र का निर्माण किया गया है। हवाई जहाजों और हेलीकॉप्टरों के अलावा यह सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों और प्रक्षेपास्त्रों को भी मार गिरा सकता है।



परमाणु आयुध ढोने में सक्षम

यह परमाणु आयुध ढोने में सक्षम है। इसका वजन 2.7 टन और लंबाई 4.5 मीटर है। जिला प्रशासन ने परीक्षण केंद्र के आसपास 2.5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले करीब 3500 लोगों को अस्थाई तौर पर अन्यत्र स्थानान्तरित कर दिया था। बराक-8 मूल रूप से बराक-1 प्रक्षेपास्त्र पर आधारित है, लेकिन लक्ष्य को खोजने में यह उससे बेहतर है।



बराक-8 की राडार प्रणाली 360 डिग्री क्षेत्र को आच्छादित करती है और यह प्रक्षेपास्त्र जहाज से 500 मीटर की दूरी पर भी दुश्मन के प्रक्षेपास्त्र को मार गिरा सकता है। प्रत्येक बराक प्रणाली में प्रक्षेपास्त्र के पात्र, कंप्यूटर, राडार और यंत्र आदि होते हैं, जिसकी कीमत 2.4 करोड़ डॉलर है।
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