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पीएससी अचानक खबरों में

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📍 बोड़ला
पीएससी अचानक खबरों में
दो साल बाद पीएससी राज्य सेवा परीक्षा की चयन सूची घोषित हुई, तो चयनित अभ्यार्थियों के यहां है। बधाईयों का तांता लगा है। इस बार अफसर, और नेताओं के बेटे-बेटियों ने अच्छा रैंक हासिल किया है। खुद पीएससी चेयरमैन टॉमन सिंह सोनवानी के दत्तक पुत्र नितिश सोनवानी ने 7वां रैंक हासिल किया। यह भी संयोग है कि दिवंगत पीएससी चेयरमैन खेलनराम जांगड़े की बेटी संतनदेवी जांगड़े भी उनके कठिन है। पद पर रहते डिप्टी कलेक्टर बनी थीं।

राज्यपाल के सचिव अमृत खल्को की बेटी नेहा, और निखिल ने भी टॉप 15 में जगह बनाई। डीआईजी पीएल ध्रुव की बेटी साक्षी भी 11वें नंबर पर रही। कांग्रेस नेता सुधीर कटियार की बेटी भूमिका और दामाद शशांक गोयल भी टॉप 15 में आए हैं। बिल्हा के विधानसभा प्रत्याशी रहे कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला बेटे स्वर्णिम शुक्ला ने 16वां रैंक हासिल किया है। ये सभी डिप्टी कलेक्टर बनेंगे। ऐसे लोग भी हैं, जो पीएससी नतीजे पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।

भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने ट्विटर पर लिखा कि छत्तीसगढ़ पीएससी में कथित नेता अधिकारी के पुत्र-पुत्रियों के चयनित नतीजों ने प्रदेश के योग्य युवा वर्ग को गहरा आघात पहुंचाया है। पिछले चार साल में ऐसा कई बार हुआ है। पिछले 4 साल के सभी नतीजों की जांच की नितांत आवश्यकता सामाजिक कार्यकर्ता मंजीत कौर बल ने फेसबुक पर लिखा कि आज दो परीक्षाओं की चर्चा है। सीबीएसई और पीएससी छत्तीसगढ़... मैं दूसरी चर्चा में एकदम बाहर हूँ.. कौन बधाई का पात्र है कौन भ्रष्टाचार से शामिल हुआ है ... यह तथ्य सामने लाना उन्होंने लोगों के बीच बातचीत का हिस्सा भी पोस्ट किया, जिसमें कहा गया कि आजकल टॉप 20 सीट्स बिक रही हैं..75 लाख का रेट चल रहा है... ..कुछ चयनित बड़े अफसरों और पीएससी के करीबियों के हैं। ऐसी चर्चाएं मेहनत से चयनित के बधाई पर भी शक पैदा करती हैं। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में कहा कि अगर झूठ है तो बहुत अच्छा है ....

लेकिन अगर सच है तो सोचिए भ्रष्टाचार कैसे अधिकारी चयन कर रहा.. और ऐसे नाकाबिल अधिकारी चयनित होकर राज्य का क्या भला करेंगे? लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं पर अगर प्रश्न चिन्ह लगेगा, तो युवाओं का राज्य प्रशासनिक सेवाओं से विश्वास जल्द ही उठेगा और राज्य की व्यवस्था चर्मराएगी। शायद इस पर गंभीरता से बातचीत होना चाहिए तथ्यों पर विचार होना चाहिए। चयन परिणामों का विश्लेषण होना चाहिए।


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