🔴 TRENDING NOW!
MP पुलिस के नए सोशल मीडिया नियम: वर्दी में रील्स और गोपनीय जानकारी शेयर करने पर रोक मध्यप्रदेश का चारों ओर होगा विकास, सीएम डॉ. मोहन ने डेवलमेंट के लिए मंजूर किए 13 हजार 790 करोड़ रुपये ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

चंद्रमा के सफर पर रवाना हुआ इसरो का चंद्रयान-3

👤
prativad
👁 3205 व्यूज
📍 भोपाल
चंद्रमा के सफर पर रवाना हुआ इसरो का चंद्रयान-3
14 जुलाई 2023। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शुक्रवार को चंद्रयान-3 को लॉन्च कर दिया है. इस चंद्रयान को एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया है. इस रॉकेट को फैट बॉय भी कहा जाता है. यह सैटेलाइट करीब 45 दिनों बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैडिंग करेगा.

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को यहां एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण किया. कल शुरू हुई 25.30 घंटे की उलटी गिनती के अंत में एलवीएम3-एम4 रॉकेट यहां स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से अपराह्न 2.35 बजे निर्धारित समय पर धुएं का घना गुबार छोड़ते हुए शानदार ढंग से आकाश की ओर रवाना हुआ.



प्रक्षेपण के सोलह मिनट बाद प्रक्षेपण माड्यूल रॉकेट से अलग हो जाएगा. एलवीएम 3 एम4 रॉकेट अपनी श्रेणी में सबसे बड़ा और भारी है जिसे वैज्ञानिक फैट बॉय कहते हैं. प्रक्षपेण देखने के लिए मौजूद हजारों दर्शक चंद्रयान-3 के रवाना होते ही खुशी से झूम उठे. शुक्रवार को रवाना हुआ चंद्र मिशन 2019 के चंद्रयान-2 का अनुवर्ती मिशन है. भारत के इस तीसरे चंद्र मिशन में भी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग का है.

चंद्रयान-2 मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर विक्रम पथ विचलन के चलते सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल नहीं हुआ था. यदि इस बार इस मिशन में सफलता मिलती है, तो भारत ऐसी उपलब्धि हासिल कर चुके अमेरिका, चीन और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा. इसरो ने पूर्व में कहा था कि चंद्रयान-3 कार्यक्रम के तहत इसरो अपने चंद्र मॉड्यूल की मदद से चंद्र सतह पर सॉफ्ट-लैंडिंग और चंद्र भूभाग पर रोवर के घूमने का प्रदर्शन करके नई सीमाएं पार करने जा रहा है.

एलवीएम3-एम4 रॉकेट को पूर्व में जीएसएलवीएमके3 कहा जाता था. अगस्त के अंत में चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की योजना बनाई गई है. उम्मीद है कि यह मिशन भविष्य के अंतरग्रही अभियानों के लिए सहायक होगा. चंद्रयान-3 मिशन में एक स्वदेशी प्रणोदन मॉड्यूल, लैंडर मॉड्यूल और एक रोवर शामिल है जिसका उद्देश्य अंतर-ग्रहीय अभियानों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करना और प्रदर्शित करना है.

राष्ट्रपति ने दी वैज्ञानिकों को बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Chandrayaan-3 मिशन के पीछे इसरो टीम और सभी को बधाई दी. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित करते हुए चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया ... यह अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति के लिए देश की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है. चंद्र मिशन की सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं.

पीएम मोदी ने दी बधाई
इस मौके पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसरो को बधाई दी. उन्होंने लिखा कि चंद्रयान-3 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय लिखा. यह हर भारतीय के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को ऊपर उठाते हुए ऊंची उड़ान भरता है. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है. मैं उनकी भावना और प्रतिभा को सलाम करता हूं. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर इसरो को बधाई दी है.
Tags :