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सफल होने के लिए हार्ड वर्क से ज्यादा जरूरी है स्मार्ट वर्क

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Digital Desk
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📍 भोपाल
सफल होने के लिए हार्ड वर्क से ज्यादा जरूरी है स्मार्ट वर्क


राधारमण में सफल व्यक्तियों के जीवन पर आधारित श्रृंखला मेरा सफर अब तक

अक्टूबर 4, 2016, सफल होने के लिए हार्ड वर्क से ज्यादा जरूरी है स्मार्ट वर्क करना। यह बात शहर के जाने माने रेस्टारेंट टेस्ट ऑफ इंडिया के सीएमडी जी प्रदीप ने राधारमण समूह के इंजीनियरिंग, फार्मेसी तथा एमबीए विद्यार्थियों से कही। वे समूह द्वारा सफल व्यक्तियों के जीवन पर आधारित श्रृंखला मेरा सफर अब तक के तहत आयोजित एक सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।



भोपाल में जन्में श्री प्रदीप ने बताया कि भोपाल से ही होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर एक अच्छा शेफ बनने के लिए वे मुम्बई गए जहां काफी संघर्ष के बाद उन्हें लीला होटल में पहला जॉब मिला इसके बाद उन्होंने कुछ बड़े विदेशी होटलों में भी काम किया। लेकिन अपने देश वह देश के कल्चर से हमेशा जुड़े रहे अपने काम के साथ साथ किताब पढ़ने के शौक के चलते एक दिन उनके हाथ नेपोलियन हिल्स द्वारा लिखित किताब सोचो और अमीर बनो लगी। इसने उन्हें खुद का काम आरंभ करने और कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। वर्ष 1999 में वे भोपाल लौट आए और रेस्टारेंट की शुरूआत की। आज इस रेस्टारेंट में 200 से अधिक लोगों को वे रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि टाइम मैनेजमेंट ही बिजनेस मैनेजमेंट है क्योंकि टाइम इज मनी। वे हमेशा कुछ नया करने तथा अपने ग्राहकों को कुछ बेहतर देने की वजह से लगातार अपने कारोबार में तरक्की पा रहे हैं।



इस अवसर पर राधारमण ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट्स के चेयरमेन आर आर सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों को श्री प्रदीप से समय के प्रबंधन और स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करने की सीख लेना चाहिए ताकि वे कम समय में अपने विषयों को ज्यादा अच्छी तरह से समझ सकें और सफलता पाने के इस सुझाव को अभी से अपने जीवन में लागू कर सकें।
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