ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप के मेनेजमेंट प्लान में गांवों के विकास भी होगा
23 सितंबर 2023। भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डायरेक्टर डा. एसपी यादव द्वारा तैयार मप्र के पन्ना टाईगर रिजर्व के संबंध में ग्रेटर लैंडस्केप मेनेजमेंट प्लान में 500 गांवों के विकास पर भी फोकस किया गया है। इन गांवों में कुल 103 सहकारी ग्रोथ सेंटर बनाये जायेंगे तथा 8 गावों को मॉडल विलेज बनाकर इनमें पर्यटन सुविधायें विकसित की जायेंगी। इसका प्रेजेंटेशन मुख्य सचिव के समक्ष किया गया है। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने इस प्लान की सरहाना की है।
बाघ, गिध्द व घडिय़ाल पर फोकस :
लैंडस्केप मेनेजमेंट प्लान में बाघ, गिध्द एवं घडिय़ाल पर विशेष फोकस किया गया है। यह दस साला प्लान केन-बेतवा प्रोजेक्ट के कारण इन वन्यप्राणियों को बचाने के लिये बनाया गया है।
उक्त प्लान में कहा गया है कि केन बेतवा प्रोजेक्ट के कारण पन्ना टाईगर रिजर्व का क्षेत्र प्रभावित होगा जिसके लिये 7 हजार 380 वर्ग किमी के तीन नये टाईगर रिजर्व और आसपास बनाने होंगे। साथ ही पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों की संख्या 150 से बढ़ाकर 200 करना होगी और पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों द्वारा उपयोग किये जा रहे क्षेत्र में 22 प्रतिशत की वृध्दि करना होगी यानि अभी 41 प्रतिशत भाग का उपयोग है जिसे 63 प्रतिशत करना होगा।
इसी प्रकार, गिध्दों के लिये चार नई साईट्स बनानी होंगी। 106 वर्ग किमी का प्रजनन क्षेत्र संरक्षित करना होगा। 129 फीडिंग साईट्स बनानी होंगी तथा 11 गिध्द पुनर्वास सेंटर स्थापित करने होंगे। घडिय़ालों के बारे में कहा गया है कि 22.8 वर्ग किमी एरिया घडिय़ालों के पर्यावास हेतु बढ़ाना होगा। 3 नई साईट्स विकसित करना होंगी। घडिय़ालों की संख्या 80 करना होगी।
तीन हजार करोड़ व्यय होंगे :
उक्त मेनेजमेंट प्लान के क्रियान्वयन पर करीब 3 हजार 186 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस राशि में से बाघों पर 826 करोड़, गिध्दों पर 354 करोड़, घडिय़ालों पर 236 करोड़, जैव विविधता पर 354 करोड़, सामुदायिक विकास पर 826 करोड़ तथा एकीकृत भू प्रबंधन पर 590 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।
- डॉ. नवीन जोशी
