🔴 TRENDING NOW!
भारत में AI रेगुलेशन की तैयारी: एक महीने में आएगा कंसल्टेशन पेपर, Deepfake और साइबर सुरक्षा पर फोकस भारत में Starlink की देरी पर मस्क का बड़ा आरोप, ‘ओलिगार्क्स’ पर लगाया रोकने का आरोप मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से प्रदेश के आतिथ्य और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलेगी वैश्विक पहचान: मुख्य सचिव बर्णवाल पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश - मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 का सातवां संस्करण भोपाल में बुधवार से; मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शुभारंभ नई स्‍कोडा स्‍लेविया जो कहे सबकुछ — स्टाइल, दमदार खूबियों और आत्मविश्वास के साथ 50 लाख बच्चों ने बुना 'मेरे सपनों का भारत,' सीएम डॉ. मोहन ने विजेताओं को दिए पुरस्कार, कहा- बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार सीएम डॉ. मोहन ने एसआईआर को बताया जरूरी, कहा- भ्रम या अफवाह पर नागरिक न दें ध्यान Good News: कूनो में KJP21 ने दिया 5 शावकों को जन्म, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई एशियन गेम्स के 85 में से 29 पदकों में रिलायंस फाउंडेशन का योगदान, नीता अंबानी ने दी बधाई

टेस्ला ने भारत में विस्तार की योजना टाली, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था

👤
prativad
👁 2842 व्यूज
📍 भोपाल
टेस्ला ने भारत में विस्तार की योजना टाली, प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था
6 जुलाई 2024। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत में टेस्ला ने अपने विस्तार की योजनाओं को स्थगित कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि एलॉन मस्क के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम पहले ही रद्द हो जाने के बाद, टेस्ला के अधिकारियों ने दोबारा नई दिल्ली से संपर्क नहीं किया है। उस मुलाकात के दौरान टेस्ला को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणाएं करने की उम्मीद थी।

सूत्रों के अनुसार, ब्लूमबर्ग को जानकारी मिली है कि भारतीय सरकार का मानना है कि टेस्ला को पूंजी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और वह भारत में कोई नया निवेश करने की योजना नहीं बना रही है।

यह घटनाक्रम टेस्ला द्वारा लगातार दूसरी तिमाही में वाहन डिलीवरी में गिरावट की खबरों के बीच सामने आया है। कंपनी ने जून समाप्त तिमाही में वैश्विक स्तर पर 443,956 वाहनों की डिलीवरी की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.7% कम है।

पिछले साल भारतीय प्रधानमंत्री की अमेरिकी यात्रा के दौरान मोदी ने मस्क से मुलाकात की थी और उन्हें भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया था। उस समय टेस्ला ने भारत में "जितनी जल्दी हो सके" प्रवेश करने का वादा किया था, हालांकि इससे पहले मस्क ने देश में ऊंचे टैरिफ दरों की शिकायत की थी।

इस साल की शुरुआत में, विदेशी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए नई दिल्ली ने एक नई नीति को मंजूरी दी थी। इस नीति के तहत कम से कम $500 मिलियन के न्यूनतम निवेश के साथ विनिर्माण इकाई स्थापित करने वाली कंपनियों को आयात शुल्क रियायतों की अनुमति दी गई थी। इससे पहले, $40,000 से अधिक मूल्य वाली आयातित कारों पर 100% सीमा शुल्क लगता था, जबकि $40,000 से कम मूल्य वाली कारों पर 70% आयात शुल्क लगता था।

इस नीतिगत बदलाव के बाद, ऐसी खबरें आई थीं कि टेस्ला की एक टीम भारत में संयंत्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश कर रही है, खासकर किसी बंदरगाह के पास। इसके बाद मस्क ने कहा था कि वह अप्रैल में भारत का दौरा करेंगे। उस समय, भारतीय मीडिया ने यह भी बताया था कि मस्क की दो अन्य कंपनियों, स्टारलिंक और स्पेसएक्स के बाजार में प्रवेश की घोषणाओं की भी उम्मीद थी।

हालांकि, बाद में उद्यमी ने "टेस्ला से जुड़े बहुत भारी दायित्वों" के कारण अपनी यात्रा स्थगित कर दी और इसके बजाय बीजिंग का दौरा किया। चीन अमेरिका के बाद टेस्ला का सबसे बड़ा बाजार है, जो 2023 में कंपनी की कारों की बिक्री का 33% हिस्सा है, लेकिन वहां घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के आकार को देखते हुए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

भारत में, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र का दबदबा टाटा मोटर्स का है, जिसने अपने कई लोकप्रिय मॉडलों के इलेक्ट्रिक संस्करण जारी किए हैं। हालांकि, देश में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अभी भी शुरुआती दौर में है, और 2023 में कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों का योगदान केवल 2% रहा।
Tags :