रूस-भारत व्यापार 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचेगा - विदेश मंत्री
11 नवंबर 2024। भारत और रूस के बीच व्यापार संबंधों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में 66 अरब डॉलर है और 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का लक्ष्य है।
ऊर्जा सहयोग में वृद्धि:
रूस अब भारत के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत बन गया है। यूक्रेन संकट के बाद से, भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात काफी बढ़ा दिया है। यह दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत बनाता है।
विविध क्षेत्रों में सहयोग:
दोनों देश न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बल्कि रक्षा, रेलवे, इस्पात और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के प्रति रूस की बढ़ती सराहना से दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।
दोनों देशों के लिए लाभदायक:
यह बढ़ता हुआ व्यापार संबंध दोनों देशों के लिए लाभदायक है। भारत को ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, जबकि रूस को एक बड़ा बाजार मिलेगा।
चुनौतियाँ और अवसर:
हालांकि, दोनों देशों के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। जैसे कि, व्यापार असंतुलन को कम करना और उच्च तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देना।
भविष्य की संभावनाएं:
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस के बीच व्यापार संबंधों में आने वाले वर्षों में और वृद्धि होगी। दोनों देशों के बीच मजबूत राजनीतिक संबंध और व्यापारिक हितों का मिलान इस वृद्धि को और बढ़ावा देगा।
