🔴 TRENDING NOW!
ISRO का फ्री AI/ML कोर्स: 4 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें आवेदन का तरीका सीएम डॉ. यादव ने गांधी सागर वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ी चीता 'सीसीबी-2', कहा- यह कदम हमारी "जियो और जीने दो" की भावना दिखाता है तथ्यों के साथ संवाद करें राहुल गांधी, मध्यप्रदेश के विकास की वास्तविक तस्वीर देखें : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोई बनेगा सीए-कोई वकील-कोई शुरू करेगा स्टार्टअप, बच्चों से इंप्रेस सीएम डॉ. मोहन ने 7400 से ज्यादा छात्रों को दी स्कूटी भारत की अगली रक्षा लड़ाई सिर्फ मिसाइल और लड़ाकू विमानों से नहीं, AI और Cyber Security से भी होगी हाउस ऑफ मैकडॉवेल्स सोडा ने ‘यारी की नई वाइब’ के साथ यारी को दिया नया अंदाज़ कूनो फिर हुआ गुलजार, मादा चीता केजीपी12 के परिवार में आए चार नन्हे शावक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत के सरकारी और रक्षा संस्थानों पर साइबर खतरा, APT36 के नए Malware अभियान से अलर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

सुरक्षा बल का हिस्सा बनकर होता है गर्व: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बोली महिला कांस्टेबल

👤
prativad
👁 4115 व्यूज
📍 बिलासपुर
सुरक्षा बल का हिस्सा बनकर होता है गर्व: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बोली महिला कांस्टेबल
सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सल ऑपरेशन की सफलताओं और चुनौतियों को मुख्यमंत्री से किया साझा
रायपुर 21 नवम्बर 2024। आज जब युवा साथी मुझसे कहते हैं कि हम भी आपके जैसे बनना चाहते हैं, तब मैं गर्व और हौसले से भर जाती हूं। मैं चाहती हूं कि बस्तर के अधिक अधिक से अधिक युवा सुरक्षा बलों में भर्ती होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें। मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि मैं इस सुरक्षा बल का हिस्सा हूं और नक्सल अभियानों में मेरी भूमिका रही है। सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन की जांबाज महिला कांस्टेबल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके बस्तर के सेडवा कैंप प्रवास के दौरान ये बातें साझा की।
            
मुख्यमंत्री श्री साय बस्तरिया बटालियन की महिला कांस्टेबल के आत्मविश्वास से भरे शब्दों को सुनकर गर्व से भर गए और शाबाशी देते हुए कहा कि जवानों के हौसलों से ही हमें ताकत मिलती है। उन्होंने कहा कि नक्सल ऑपरेशन में बस्तर की बहुत सारी बेटियां चुनौतियों के बीच सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। बस्तर में नक्सलवादियों से मुकाबला करती हमारी बेटियों के पराक्रम का कोई सानी नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री साय को  बताया गया कि सीआरपीएफ के चुनिंदा जवानों को कोबरा बटालियन में काम करने का मौका दिया जाता है। इन जवानों को नक्सल ऑपरेशन और जंगलवार में महारत हासिल है। जवानों ने टेकलगुड़ेम में कैम्प स्थापना के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे कई साथी घायल हुए लेकिन हमारी टीम ने डटकर मुकाबला किया और कैम्प स्थापित करने में सफल हुए, जिसके कारण नक्सलियों को गांव छोडकर भागना पड़ा।
       
जवानों ने अबूझमाड़ की चुनौतियों के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गम इलाकों में कई तरह की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सभी जवानों का मनोबल ऊंचा है। हमारी तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में होती है और हम हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। हमारी कोशिश है कि हमारा राज्य नक्सलमुक्त हो। हम सब जवान टीम वर्क के साथ अभियानों को अंजाम देते हैं। नक्सल ऑपरेशन के दौरान जब जवान घायल होते हैं तब उनके लाइफ सपोर्ट के लिए भी टीम हमेशा मुस्तैद रहती है। ग्राउंड जीरो से हायर मेडिकल फेसिलिटिज तक जवानों को ले जाने के लिए एयर लिफ्ट करने का काम भी तत्काल किया जाता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर प्रवास के दौरान अचानक ही सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में जवानों से मिलने बस्तर जिले के सेडवा कैंप पहुंचे थे। यहां उन्होंने जवानों से खुलकर आत्मीयतापूर्वक बात की और जवानों ने भी मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद करते हुए माओवादी आतंक के उन्मूलन के प्रयास में अपने अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध हमने जो सफलता हासिल की है, उसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की अनेक टीमों और बटालियनों की साझी भागीदारी है। इसके साथ-साथ स्थानीय शासन के विभिन्न विभागों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवादी मानवता के दुश्मन हैं। बारूदी सुरंगें बिछाते हुए वे जरा भी नहीं सोचते कि इनसे आम लोगों की जानें भी जा सकती हैं। कई बार छोटे-छोटे बच्चे भी इन बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों का काम सचमुच बहुत चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हर चुनौती को चूर-चूर करना आप लोगों को आता है। आज हमारे जवान अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में भी नक्सलवाद का सफाया करते हुए सफलता के झंडे लहरा रहे हैं। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने देश के सामने संगठन और समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
Tags :